फर्जी आईटीआर से ऋण लेने वाले को दो साल की कैद

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 लखनऊ। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने फर्जी इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) के आधार पर बैंक से लिए साढ़े तीन लाख के ऋण को हड़पने के आरोप में सरदार अहमद खान को दो साल कैद की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

मामला प्रयागराज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाजापुर शाखा से जुड़ा है। एसबीआई लखनऊ मुख्यालय के डिप्टी जनरल मैनेजर ने मामले की शिकायत सीबीआई से की थी। सीबीआई ने 28 जून 2005 को मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की और 24 जुलाई 2007 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की छानबीन में पता चला कि एक अगस्त 2001 से छह फरवरी 2004 के बीच एसबीआई की राजापुर शाखा से कुल 56 आवास ऋण स्वीकृत हुए। 38 मामलों में ऋण लेने वाले और गिरवी रखे प्लॉटों का पता नहीं चला। जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 15 पर्सनल लोन भी स्वीकृत हुए हैं।

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