प्रयागराज, । हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 की शुचिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए व्यापक और विस्तृत व्यवस्था की गई है। परीक्षा के दौरान असामाजिक/शरारती तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मॉडल प्रश्नपत्रों का फर्जी प्रचार और प्रसार इस दावे के साथ करते हैं कि प्रश्न उन्हीं नमूना प्रश्नपत्रों से होंगे। ऐसे तत्व विद्यार्थियों और अभिभावकों को ठगने का प्रयास करते हैं।
कई बार सोशल मीडिया में अपने चैनल को बढ़ाने के लिए भी गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों को अंजाम देते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने चेतावनी दी है कि ऐसे कृत्य नकल अधिनियम के तहत दंडनीय, संज्ञेय और गैर जमानती अपराध हैं। किसी के मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट आदि के जरिए ऐसा कृत्य पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां फर्जी अफवाह फैलाने के खिलाफ एक मुहिम के साथ पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं। अनुचित कृत्य मिलने पर साइबर सिक्योरिटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता 2023 के विभिन्न प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






