रामपुर। फर्जी तरीके से शिक्षिका की नियुक्ति के मामले में पुलिस ने स्कूल के तत्कालीन हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है। हेडमास्टर 2020 में रिटायर्ड हो चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के प्रबंधक और आरोपी शिक्षिका के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन रिटायर्ड हेडमास्टर का नाम विवेचना के दौरान सामने आया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने जनवरी
2023 में तत्कालीन डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ से शहर के ऊंची चौपाल स्थित जवाहरलाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ज्ञानेश्वरी नाम की महिला की फर्जी नियुक्ति की शिकायत की थी। ज्ञानदेश्वरी देवी बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत एक बाबू की पत्नी हैं।
डीएम के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी नंदकिशोर कलाल की अध्यक्षता में तीन
सदस्यीय समिति की ओर से प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में यह बात सामने आई कि ज्ञानेश्वरी नाम की महिला की इस विद्यालय में फर्जी नियुक्ति है। बीएसए की ओर से इनको नियुक्ति पत्र भी नहीं दिया गया था। वर्ष 2011 में इस विद्यालय में शिक्षिका के पद के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें 30 लोगों ने आवेदन किया था। ज्ञानेश्वरी की जगह अशरफ नाम के युवक का चयन इस पद के लिए हुआ, लेकिन 2020 में एक शिक्षक के निधन के बाद रिक्त हुए पद पर ज्ञानेश्वरी की फर्जी तरीके से नियुक्ति कर दी गई।
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