गोरखपुर। पठन-पाठन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शासन ने परिषदीय विद्यालयों की दीवारों और गेट पर टोल फ्री नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया था। नंवबर में आदेश के बाद भी अब तक विद्यालयों की शिथिलता के कारण इस कार्य को पूरा नहीं किया जा सका है।
जिले के 2500 से अधिक परिषदीय विद्यालयों में दीवारों एवं गेट पर पेंटिंग के माध्यम से टोल फ्री नंबर दर्ज कराना था। शासन का यह कदम शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। दीवारों पर टोल फ्री नंबर दर्ज होने से पठन-पाठन में आ रही समस्याओं, शिक्षकों की अनुपस्थिति और अन्य कमियों की सूचना को अभिभावक तथा स्थानीय लोग आसानी से शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
शासन की ओर से जांच कराने पर टोल फ्री नंबर के उपयोग कम होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर ब्योरा मांगा गया है। ताकि पता चल सके कि कितने स्कूलों की दीवारों टोल फ्री नंबर लिखवा दिए गए हैं। डीसी ट्रेनिंग नितिन कुमार पांडेय ने बताया कि कुछ विद्यालयों की दीवारों पर टोल फ्री नंबर दर्ज करा दिया गया है। इसके बारे में पहले भी ब्लॉकों से जानकारी मांगी गई थी। फिर से जानकारी मांगी गई है। दो से दिन तीन में आंकड़े एकत्र कर लिए जाएंगे।
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