अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रहे स्कूल, मात्र डेढ़ लाख बनीं

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 बुलंदशहर, । कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के छात्रों की अपार आईडी बनाने में जिले के स्कूल कोई खास रूचि नहीं ले रहे हैं। अपार आईडी से बच्चों का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा और एक क्लिक पर कहीं से भी डाटा निकाला जा सकेगा। खासतौर से सत्यापन के दौरान आने वाली दिक्क्तों को दूर करने के लिए छात्रों की यह आईडी बनाई जा रही हैं। बीएसए ने सभी बोर्ड के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर जल्द से जल्द सभी छात्रों की आईडी बनाने के लिए कहा है। जिले में सात लाख छात्रों के सापेक्ष मात्र डेढ़ लाख की अपार आईडी बन सकी हैं।

कक्षा नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के स्कूलों के पढ़ रहे छात्रों की अपार आईडी बनाई जा रही हैं। देशभर के स्कूलों से उक्त कक्षाओं के छात्रों के पूरे डाटा को ऑनलाइन किया जा रहा है,

छात्रों को इसमें एक यूनिक आईडी का नंबर मिलेगा और इस नंबर से संबंधित छात्र का पूरा डाटा निकलकर सामने आ जाएगा। सरकारी नौकरी या फिर अन्य किसी भी प्रकार के सत्यापन को अपार

आईडी से किया जा सकेगा। जिले में के 16 ब्लॉकों में बेसिक, सीबीएसई, यूपी बोर्ड, सीबीसई बोर्ड, मदरसा बोर्ड, सीआईसीएसई व संस्कृत बोर्ड के 4114 स्कूल हैं और इनमें मौजूदा समय में

7,51,277 छात्र कक्षा नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, किंतु इनके सापेक्ष अभी तक डेढ़ लाख बच्चों की अपार आईडी बनकर उसे पोर्टल पर अपलोड किया गया है। विभाग की मानें तो यह संख्या काफी कम है शासन स्तर से लगतार आईडी मांगी जा रही हैं क्योंकि वहां से इन्हें चेक किया जा रहा है। पूर्व में स्कूलों को कई बार आदेश भी दिए गए कि वह जल्द से जल्द आईडी बनाकर विभाग को अवगत कराएं मगर स्कूलों द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बीएसए ने बताया कि स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह तत्काल बच्चों की आईडी बनाएं.

अपार आईडी रोकेगी फर्जीवाड़ा

बेसिक स्कूलों में अपार आईडी को शासन द्वारा फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बनाया जा रहा है। बताया गया कि अपार आईडी में छात्रों का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पूरा पता, आधार नंबर, स्कूल का नाम, यू-डायस कोड, कक्षा, गांव का नाम, तहसील, एसआर नंबर सहित अन्य सभी तमाम जानकारियां होंगी। बताया गया कि छात्रों को एक नचर दिया जाएगा इससे पोर्टल पर डालने के बाद उसकी पूरी कुंडली खुल जाएगी। बीएसए ने बताया कि यह आईडी जीवन भर छात्र के काम आएगी और नौकरियों में इंटर तक का सत्यापन छात्र का पोर्टल पर ही कर लिया जाएगा। बीएसए ने बताया कि अपार आईडी से पूरा फर्जीवाड़ा रूक जाएगा

अपार आईडी बनाने में स्कूल लापरवाही न बरतें, ऐसे स्कूलों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया गया है। इस माह में स्कूल ज्यादा से ज्यादा अपार आईडी बना दें। डेढ़ लाख आईडी जिले में बन चुकी हैं। – डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए

अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रहे स्कूल, मात्र डेढ़ लाख बनीं

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