सरकार की निगाह कंपनियों के बढ़ते प्रॉफिट और कर्मचारियों के घटते सैलरी पर है। इसकी झलक चीफ इकनॉमिक एडवाइजर की अपील में देखने को मिली। उन्होंने कंपनियों से कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का आग्रह किया है।
चीफ इकनॉमिक एडवाइडर वी अनंत नागेश्वरन ने देश के सभी कॉरपोरेट्स से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा किया जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खपत में गिरावट आई है। वहीं मिडिल और लोअर मिडिल क्लास जूझ रहा है। इकनॉमिक सर्वे 2025 में कहा गया, “अपनी जरूरत और लॉन्ग टर्म को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को यह सोचना होगा कि सुरक्षित, संरक्षित और संतोषजनक माहौल अपने कर्मचारियों को देना होगा।”
15 साल के उच्चतम स्तर पर कॉरपोरेट प्रॉफिट
इकनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट आज सदन के पटल पर पेश की गई। इस रिपोर्ट से पता चला है कि कॉरपोरेट का प्रॉफिट 15 साल के उच्चतम स्तर पर है। एसबीआई रिसर्च के डाटा के अनुसार 4000 लिस्टेड कंपनियों का कर्मचारी खर्च 2024 में 13 प्रतिशत बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, “जहां एक तरफ भारतीय कंपनियों का EBITDA मार्जिन पिछले 4 सालों में 22 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, सैलरी ग्रोथ धीमा ही रहा है। जोकि चिंताजनक है।”
6.3 से 6.8 प्रतिशत रह सकती है इकनॉमिक ग्रोथ
आज पेश किए गए आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 6.3 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत रह सकती है। जोकि बहुत अच्छी खबर नहीं मानी जा सकती है। हालांकि, आर्थिक सर्वे से पता चला है कि विदेशी निवेश इस वित्त वर्ष के 8 महीने में बढ़ा है। FDI का आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकते हैं। बता दें, बजट से पहले देश के सामने सरकार की तरफ से आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है। जिसपर सभी की निगाहें टिकी होती हैं। इससे ही आने वाले समय की तस्वीर का अंदाजा लगाया जाता है।
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