आयकर रिटर्न (ITR) में बकाया मांग (Outstanding Demand) का मतलब उस कर राशि से है जिसे आयकर विभाग (ITD) ने प्रोसेसिंग के बाद देय (Payable) माना है। यह मांग निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हो सकती है:

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आयकर रिटर्न (ITR) में बकाया मांग (Outstanding Demand) का मतलब उस कर राशि से है जिसे आयकर विभाग (ITD) ने प्रोसेसिंग के बाद देय (Payable) माना है। यह मांग निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हो सकती है:

1. गलत कर गणना – यदि करदाता द्वारा स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) में कोई गलती हो।

2. TDS/TCS में असमानता – फॉर्म 26AS में दिखाए गए TDS और करदाता द्वारा दावा किए गए TDS में अंतर।

3. गलत या अपूर्ण विवरण – ITR में किसी कटौती (Deduction) या छूट (Exemption) को गलत तरीके से क्लेम करने के कारण।

4. पुरानी कर देनदारी – यदि पहले के वर्षों में कोई कर शेष रह गया हो।

5. आयकर विभाग द्वारा असेसमेंट – यदि विभाग ने स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन में करदाता की आय को अधिक आंका हो।

बकाया मांग का निपटान कैसे करें?

1. यदि मांग सही है: तो चालान 280 के माध्यम से ऑनलाइन या बैंक में भुगतान करें।

2. यदि मांग गलत है: तो पोर्टल पर Disagree (असहमति) का विकल्प चुनकर आवश्यक प्रमाण अपलोड करें।

3. यदि आंशिक रूप से सही है: तो जितनी राशि सही है, उसका भुगतान करें और बाकी के लिए आपत्ति दर्ज करें।

अगर आयकर विभाग की ओर से नोटिस आया है, तो समय सीमा के भीतर जवाब देना आवश्यक है, अन्यथा अतिरिक्त ब्याज या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

टैक्स ज्ञान: आयकर रिटर्न (ITR) में बकाया मांग (Outstanding Demand) का मतलब उस कर राशि से है जिसे आयकर विभाग (ITD) ने प्रोसेसिंग के बाद देय (Payable) माना है। यह मांग निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हो सकती है:

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