नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सीएसयू) के दिल्ली समेत देशभर के 11 कैंपस में अब चार वर्षीय शास्त्री ऑनर्स और एक साल की आचार्य की पढ़ाई होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीएसयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक और एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम को मंजूरी दी गई। चार वर्षीय शास्त्री ऑनर्स को बीए ऑनर्स
और एक वर्षीय आचार्य की डिग्री को एमए के समकक्ष माना जाएगा। महिल सशक्तीकरण के तहत सीएसयू के कैंपस से पीएचडी करने वाली 10 महिलाओं को स्कॉलरशिप देने का भी फैसला लिया है।
कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चार प्लस एक के अनुरूप पाठ्यक्रम
शुरू किया जाएगा। इसके तहत चार वर्ष का शास्त्री प्रतिष्ठा (बीए ऑनर्स) पाठ्यक्रम होगा।
जबकि एक वर्ष की पढ़ाई के बाद आचार्य (एमए) की उपाधि
दी जाएगी। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कम समय लगेगा। साथ ही आचार्य के बाद उन्हें शोध आदि के क्षेत्र में अधिक मौके मिलेंगे।
इन राज्यों के कैंपस में भी फैसला लागू होगा
■ एग्जीक्यूटिव काउंसिल का फैसला केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के देशभर के 11 11 संस्कृत विश्वविद्यालयों में भी लागू होगा। इसमें श्रीरणवीर परिसर जम्मू (जम्मू-कश्मीर), श्रीगंगानाथ झा प्रयागराज व लखनऊ परिसर (यूपी), श्रीरघुनाथ-कीर्ति परिसर, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड), वेदव्यास परिसर, बलाहर (हिमाचल प्रदेश), जयपुर कैंपस (राजस्थान), भोपाल परिसर (मध्य प्रदेश), श्रीसदाशिव परिसर पुरी (ओडिशा), केजे सोमैया कैंपस (महाराष्ट्र), एकलव्य कैंपस (अगरतला), राजीव गांधी कैंपस, श्रृंगेरी (कर्नाटक) और गुरुवयूर कैंपस, त्रिचुर (केरल) शामिल हैं।
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