प्रयागराज। पीसीएस-2013 से 2024 तक आयोजित 12 पीसीएस परीक्षाओं में सात को लेकर विवाद हुआ। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 का परिणाम भी विवादों में है। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सीएम योगी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति कहा है कि पीसीएस-2013 में तत्कालीन अध्यक्ष को कोर्ट ने तलब किया था। पीसीएस-2014 में आयोग मुकदमा हार गया, पीसीएस-2015 में आयोग को संशोधित उत्तर कुंजी जारी करने
का आदेश दिया गया। पीसीएस-2016 में आयोग मुकदमा हारा। लेकिन, मुख्य परीक्षा होने तक ऑर्डर सुरक्षित रखा गया।
पीसीएस-2017 में भी आयोग मुकदमा हारा और पीसीएस 2022 को लेकर मामला लंबित है। अब प्री-2024 को लेकर विवाद बढ़ गया है। समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने सीएम को अवगत कराया कि प्रारंभिक परीक्षा में 12 प्रश्नों पर छात्रों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं
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