लखनऊ, सिपाही भर्ती परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों के सरनेम व टाइटल को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जा रही है। कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की कि जाति के आधार पर ही अभ्यर्थी को सफल घोषित किया है। इस पर उत्तर प्रदेश भर्ती बोर्ड ने रविवार को एक्स पर जवाब दिया कि सरनेम या टाइटल के आधार पर किसी अभ्यर्थी को सफल/असफल घोषित नहीं किया जाता है।
भर्ती बोर्ड ने साफ किया कि अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारियों द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के बाद ही सफल/असफल घोषित किया जाता है। दस्तावेजों की जांच के लिए बोर्ड गठित होता है जिसमें उपजिलाधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होते हैं। समुचित रूप से मूल जाति प्रमाण पत्र का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद ही अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जाता है। भर्ती बोर्ड ने उदाहरण देते हुए लिखा कि सफल अभ्यर्थियों में एक का नाम पंकज पाण्डेय है। इस अभ्यर्थी की जाति उसके जारी प्रमाण पत्र के अनुसार गोसाई है। इसी तरह एक सफल अभ्यर्थी शिवानी उपाध्याय की जाति जोगी है। दोनों ही जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग में आती हैं। भर्ती बोर्ड ने यह भी लिखा है कि नियुक्ति पत्र देने से पहले नियुक्ति जनपद के पुलिस अधीक्षक द्वारा चयनित अभ्यर्थियों का पुनः सत्यापन कराया जाता है।
कोई आपत्ति हो तो यहां सम्पर्क करें: बोर्ड ने अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट अभ्यर्थी की जाति के संदर्भ में कोई पुष्ट एवं प्रामाणिक जानकारी पता करनी है तो वह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के ई-मेल sampark@uppbpb.gov.in पर सूचना दे। बोर्ड द्वारा इस मामले में समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कानूनन अपराध है ऐसी टिप्पणी
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने यह भी कहा है कि ऐसी भ्रामक एवं अपुष्ट टिप्पणियां न लिखे। साथ ही कोई भी इसे आगे प्रसारित करने में सहयोगी न बने। यह कानूनन अपराध है।
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