संस्कृत शिक्षकों का मानदेय दस हजार बढ़ा
राज्य सरकार ने मानदेय पर कार्य कर रहे संस्कृत शिक्षकों का मानदेय बढ़ा दिया है। गुरुवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन लिए गए निर्णय के तहत पूर्व मध्यमा (हाई स्कूल) एवं उत्तर मध्यमा (इंटरमीडिएट) के संस्कृत शिक्षकों के मानदेय में क्रमश: 8,000 एवं 10,000 रुपये की वृद्धि की गई है।
पूर्व मध्यमा के शिक्षकों को अब तक प्रतिमाह 12,000 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार से उत्तर मध्यमा के शिक्षकों को प्रतिमाह 15,000 रुपये मिलते थे जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार ने मानदेय पर कार्य कर रहे इन शिक्षकों को दो वर्षों का सेवा विस्तार देने का भी निर्णय किया है। इसके तहत संस्कृत शिक्षकों का कार्यकाल 2025 से 2027 तक की अवधि के लिए अर्थात दो सालों के लिए बढ़ा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने मानदेय के आधार पर दो चरणों में शिक्षकों की भर्ती की थी। पहले चरण में 518 और दूसरे चरण में 850 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इस प्रकार से प्रदेश में कुल 1368 संस्कृत शिक्षक मानदेय पर कार्य कर हैं। सरकार के इस निर्णय के बाद इन संस्कृत शिक्षकों को इसी माह अर्थात अप्रैल 2025 से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा। इन शिक्षकों की संविदा अवधि 31 मार्च 2025 को पूरी हो गई थी। इस प्रकार से संविदा अवधि को भी दो सालों (2025-26 और 2026-27) तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
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