पब्लिक स्कूल में बच्चों को नमाज सिखाने पर नोटिस – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


मेरठ/मवाना। जिले के मवाना तहसील तिराहे के निकट स्थित एक पब्लिक स्कूल में बच्चों को नमाज पढ़ाने जैसी गतिविधि कराये जाने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशा चौधरी ने स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का तीन दिन में जवाब मांगा गया है। बीएसए ने यह भी कहा है कि नोटिस जारी होने के तीन दिन के अंदर अमान्य रूप से संचालित विद्यालय को तत्काल बंद कर मान्यता की मूल प्रति कार्यालय में जमा करा दी जाए। ऐसा नहीं किये जाने पर विद्यालय का यू-डायस कोर्ड क्लोज कर प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बीएसए की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि दा राव एकाडेमी पब्लिक स्कूल मवाना में रमजान माह में एक असेम्बली में बालकों को सिर पर रूमाल बांध नमाज पढ़ना सिखाया गया। मान्यता की शर्तों के अनुसार विद्यालय में किसी प्रकार की धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकती है। विद्यालय में मान्यता की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। मान्यता के समय स्कूल भवन कहीं और था और अब संचालन अन्य किसी स्थान पर किया जा रहा है। भवन का किरायेनामा व नक्शा जांच अधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया गया। स्कूल में अग्निशमन यंत्रों की उचित व्यवस्था नहीं है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

अग्निशमन विभाग का वर्ष 2017 का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। नोटिस के अनुसार सीबीएसई के मानको के अनुसार वर्तमान में अधिकांश शिक्षकों के पास उचित शिक्षण योग्यता नहीं है। जांच में पाई गई अनियमितताओं से स्पष्ट है कि स्कूल प्रबंधन ने मान्यता के संबंध में जारी शासनादेश व शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में दिये गये प्राविधानों का उल्लंघन किया गया है। इस कारण स्कूल में अध्ययनरत बालकों का भविष्य असुरक्षित है। बीएसए की ओर से यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी त्रिवेन्द्र कुमार की 23 मई को भेजी गई जांच रिपोर्ट पर की गई है।

अभिभावक ने की थी शिकायत

मवाना तहसील क्षेत्र के गांव खेड़ी मनिहार निवासी अशोक कुमार ने गत 17 मई को आयोजित तहसील समाधान दिवस पर शिकायत की थी कि उसके दो बच्चे कक्षा आठ पास लविश, कक्षा चार पास कशिश की स्कूल पास आउट होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन द्वारा टीसी नहीं दी गई है। इसके अलावा स्कूल के मानक पूरे नहीं हैं। पीड़ित अभिभावक ने मान्यता सम्बंधित शिकायत भी की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि केवल 250 वर्ग गज भूमि पर स्कूल का संचालन कैसे कराया जा सकता है। रमजान के दिनों में उनके बालकों को सिर पर रूमाल बांधकर नमाज पढ़ाई गई। अभिभावक अशोक कुमार दो जून को इस मामले में सीओ मवाना से भी मिले थे।

नोटिस मिला है, नमाज पढ़ाने का आरोप निराधार

दा राव एकाडेमी पब्लिक स्कूल मवाना की प्रधानाचार्या निशि खान का कहना है कि बीएसए का नोटिस उन्हें आनलाइन मिल गया है। उन्होंने नोटिस की प्रति कालेज प्रबंधक अंकित विश्वकर्मा को भेज दी है। वह अपने किसी रिश्तेदार के साथ अस्पताल में हैं। उन्होंने नोटिस पढ़ा नहीं है। प्रबंधक ही नोटिस का जवाब दे सकेंगे। प्रबंधक अंकित विश्वकर्मा का तर्क है कि नोटिस में स्कूल के दस्तावेज कम पाये जाने की बात कही गई है। उन्हें बाद में उपलब्ध करा दिया जायेगा। स्कूल में सभी कमियों को समय पर पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने साफ कहा कि स्कूल में नमाज पढ़ाने का आरोप निराधार है। धार्मिक त्योहार की जानकारी दी गई थी। स्कूल में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। पीड़ित ने अपने दो बालकों की फीस जमा नहीं की। फीस जमा करने को कहा गया तो अभिभावक ने इसे मुद्दा बना लिया है।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment