उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 50 बच्चों से कम संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने का आदेश आते ही विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने विरोध करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विद्यालयों की पेयरिंग के नाम पर जो परिषदीय विद्यालय बंद किए जा रहे हैं। वह न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम की मूल भावना का अतिक्रमण है, बल्कि ग्रामीण बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।
शासन से आग्रह है कि स्कूल मर्ज करने वाले आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए। हम स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं। यदि प्रशासन इस निर्णय को तत्काल वापस नहीं लेता, तो उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ न केवल जन आंदोलन का आह्वान करेगा। बल्कि यदि आवश्यकता पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा क्योंकि यह
केवल शिक्षकों की नहीं, बल्कि हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार की लड़ाई है, जिसे पूरे प्रदेश में पूरे दमखम और संवैधानिक तरीके से लड़ा जाएगा।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने विद्यालयों के विलय का कठोर शब्दों में विरोध किया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन से आग्रह है कि जनपद लखनऊ के 445 विद्यालयों के प्रस्तावित पेयरिंग आदेश को तत्काल स्थगित किया जाए।
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