पीलीभीत। शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात सही करने के लिए स्कूलों के विलय (पेयरिंग) की कवायद में जुटा जिले का बेसिक शिक्षा विभाग अब भी कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों का आंकड़ा नहीं जुटा सका है। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के अधिकारी सूची बनाए जाने का दावा कर रहे हैं। असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जिले में करीब 1499 परिषदीय स्कूल हैं। सबसे अधिक 397 विद्यालय पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र में आते हैं। इनमें भी शारदा पार इलाके में विद्यालयों की संख्या 38 है। 100 से अधिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 से कम है। विद्यार्थी–शिक्षक अनुपात में असंतुलन की स्थिति बीसलपुर, बिलसंडा और अमरिया के स्कूलों में भी है।
स्कूलों के विलय का आदेश आने के बाद अफसर स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षकों की तैनाती का आंकड़ा जुटाने में लग गया है। कितने स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 और कितने में 30 से कम है, सूचियों बनाई जा रही हैं। विलय वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या का आंकड़ा कितना रहेगा, अभी स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में कई दिन बीतने के बाद भी सूची नहीं बन सकी है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों के पेयरिंग की तैयारी चल रही है। स्कूलों की सूची बन रही है। जल्द ही सूची का काम पूरा हो जाएगा।
मरौरी और अमरिया के कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 10 या उससे कम
मरौरी और अमरिया ब्लॉक के कई परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 10 या उससे कम है। बीसलपुर के मोहल्ला दुबे के विद्यालय में 100 से अधिक विद्यार्थियों की जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षक पर है। यही हाल कई अन्य स्कूलों का है। विद्यार्थी–शिक्षक अनुपात में असमानता का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है।
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