प्रतापगढ़। विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद शिक्षक एकीकृत विद्यालयों में जाने को तैयार नहीं हैं। विद्यालय से बच्चों के घर की दूरी का हवाला देकर शिक्षक पुराने विद्यालय में ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं। एमडीएम पर रोक न होने के कारण विद्यालय में मध्याह्न भोजन भी तैयार किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश पर 200 विद्यालयों का विलय किया जा चुका है। विलय के विरोध की याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने खारिज दिया। बावजूद इसके युग्मित विद्यालयों के शिक्षक एकीकृत विद्यालय में जाने को तैयार नहीं है।
पहली जुलाई को आदेश आने के बाद युग्मित विद्यालयों में ताला लटक गया। तत्काल एकीकृत विद्यालय में बच्चों को साथ ले जाने का आदेश शिक्षकों को दिया गया, लेकिन शिक्षक एकीकृत विद्यालय में
जाने को तैयार नहीं हुए। शिक्षकों का कहना है कि एकीकृत विद्यालय उनके विद्यालय से करीब दो से ढाई किमी दूर है। बच्चों की पहुंच एकीकृत विद्यालय तक नहीं हो सकेगी। युग्मित हुए प्राथमिक विद्यालय गोपालापुर, कुसमी, रुपापुर, सहोदरपुर पूर्वी सहित दूसरे विद्यालयों में पठन-पाठन जारी रहा।
बीएसएस भूपेंद्र सिंह ने बताया कि युग्मित विद्यालयों के शिक्षक एकीकृत विद्यालयों में शिक्षण कार्य करेंगे। उन विद्यालयों के बच्चों का पठन पाठन भी एकीकृत विद्यालय में होगा। लापरवाही पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन न होने का भी बताया कारण
प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि परिषदीय विद्यालय से एक किमी के दायरे में निजी विद्यालयों को मान्यता देने पर रोक है। बावजूद इसके नियम को ताक पर रखकर निजी विद्यालयों को मान्यता दी जा रही है। एक विद्यालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर चार से पांच निजी विद्यालय हैं। इससे परिषदीय विद्यालयों के नामांकन पर असर पड़ रहा है।
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