प्रयागराज। एसटीएफ के नाम पर फर्जी नोटिस भेजकर डीआईओएस / बीएसए से गोपनीय जानकारी हासिल करने वाले गिरोह की करतूतें लगातार सामने आ रही हैं। जांच में अब यह खुलासा हुआ है कि जालसाजों ने न सिर्फ शिक्षाधिकारियों, बल्कि आगरा स्थित भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के एक अफसर को भी निशाना बनाया।
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक गिरोह ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को एसटीएफ अधिकारी बनकर एक फर्जी नोटिस भेजा। इसमें एक शिक्षक से संबंधित गोपनीय दस्तावेज मांगे। यही नहीं, दबाव बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी हासिल भी कर ली। सूत्रों का कहना है कि ऋग्वेद सिंह नाम के शिक्षक के बारे में यह जानकारी मांगी गई, जिसे चार
जुलाई को उपलब्ध भी करा दिया गया। इसी शिक्षक के बारे में मैनपुरी के चित्रगुप्त महाविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक संजीव सक्सेना को भी फर्जी नोटिस भेजकर सूचना हासिल की गई।
इस खुलासे से साफ है कि गिरोह सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं था। इसकी पहुंच उच्च शिक्षा संस्थानों तक भी हो गई थी। इसके सदस्यों ने विश्वविद्यालय स्तर पर भी फर्जीवाड़ा कर गोपनीय सूचनाएं जुटाना शुरू कर दिया था। फिलहाल, मुख्य समेत दो आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद कौशाम्बी पुलिस इस रैकेट में शामिल उनके तीसरे साथी ओमप्रकाश की तलाश में जुटी है। वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है।
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