पिट्सबर्ग, एजेंसी। आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी (एआई) के आने से छात्रों और अध्यापकों को जहां मदद मिल रही वहीं इनके बीच दूरी भी बढ़ती जा रही।
एआई से विद्यार्थी नकल भी धड़ल्ले से कर रहे हैं। यह खुलासा पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के अध्ययन में हुआ। शोधकर्ताओं ने हजारों प्रोफेसर और विद्यार्थियों से बातचीत की। अध्ययन में पता चला कि एआई को लेकर विद्यार्थियों के मन में दुविधा, चिंता और भरोसे की कमी पाई है।
विद्यार्थी चैटजीपीटी जैसे टूल्स का सहारा ले रहे हैं। यूनिवर्सिटी में एआई टूल के जरिए छात्र अपने असाइनमेंट भी पूरा कर रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई, पर असर हो रहा है। अध्ययन के दौरान बातचीत में कई विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें एआई से पढ़ाई में मदद मिलती है। इसमें नोट्स बनाना, पेपर चेक कराना या सवाल पूछना शामिल है। कुछ को प्रोफेसर या टीचर से सवाल पूछने में शर्म आती है, इसलिए चैटजीपीटी से पूछना आसान समझते हैं। हालांकि कुछ विद्यार्थियों को डर लगता है कि दूसरों को लगेगा कि वो मेहनत नहीं कर रहे हैं।
दिक्कतें बढ़ा रहा
● दोस्तों के बीच अविश्वास
● विद्यार्थियों में डर है कि कोई बता देगा- तुमने एआई से नकल की
● शिक्षक और विद्यार्थियों के रिश्ते भी कमजोर हो सकते हैं
● कई लोग शिक्षकों से मिलना छोड़ देते हैं और सीधा एआई से मदद लेते हैं
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