गौरीबाजार,।
गौरीबाजार क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोइया की गुरुवार की रात गोरखपुर एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल मर्ज होने से रसोइया सदमे में थी। उसी के चलते उसकी मौत हुई। हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल के विलय के बावजूद किसी रसोइया को हटाया नहीं गया है।
हो क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दुबे टोला में 48 छात्र पंजीकृत थे, इसलिए उसे प्राथमिक विद्यालय चरियांव बुजुर्ग में पिछले दिनों मर्ज कर दिया गया था। दोनों विद्यालयों की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। आदेश मिलने के बाद प्राथमिक विद्यालय दुबे टोला का पूरा शिक्षक स्टाफ, रसोइया और बच्चे 10 जुलाई को दूसरे विद्यालय मेंर शिफ्ट गए थे। प्राथमिक विद्यालय दुबे टोला में रसोइया के पद पर कार्यरत सरोज देवी (41) पत्नी शंभू प्रसाद की तबीयत गुरुवार की शाम अचानक खराब हो गई। परिजनों ने उसे गोरखपुर एम्स में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई। उसकी बड़ी बेटी संजना का कहना है कि स्कूल मर्ज होने के बाद से ही वह सदमे में थी। वह पिछले दस वर्षों से रसोइया का काम कर रही
थी। घर की माली हालत ठीक न होने से उसका पति चार दिन पहले चेन्नई कमाने गया था। पत्नी की मौत की सूचना पर वहां से घर के लिए रवाना हो गया है।
प्राथमिक विद्यालय दूबे टोला को छात्र संख्या कम होने के चलते प्राथमिक विद्यालय चरियांव बुजुर्ग में मर्ज किया गया था, लेकिन किसी रसोइया को हटाया नहीं गया है। ऐसे में सदमें से मौत की बात समझ से परे है।
– विनयशील मिश्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी,
गौरीबाजार
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