लखनऊ: सीतापुर जिले के करीब 14 स्कूलों का विलय पास के अन्य विद्यालयों में कर दिया गया। इन विद्यालयों में बच्चों की संख्या 50 से अधिक थी। भवन जर्जर और संसाधनों की कमी को आधार बनाकर इसका विलय किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बच्चों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समन्वित संसाधन उपयोग के उद्देश्य से उठाया गया।
कसमंडा ब्लाक में प्राथमिक विद्यालय विक्रमपुर सरैयां के कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण इसे प्राथमिक विद्यालय सुरैचा के साथ विलय किया गया। यहां करीब 50 छात्र थे। बेहटा ब्लाक में मरसंडा एक और मरसंडा दो एक ही परिसर में संचालित थे। इन दोनों को मिलाकर एक विद्यालय बना दिया गया। कुल छात्रों की संख्या 100 से अधिक थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय क्टूरा में 80 से अधिक बच्चे थे, भवन की खराब हालत के
कारण इसे प्राथमिक विद्यालय क्ठूरा में विलय किया गया। हरगांव ब्लाक में फत्तेपुर मातिनपुर स्कूल का भवन टूटने के कारण इसे प्राथमिक विद्यालय मातिनपुर से जोड़ा गया। वहीं, सीतापुर नगर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कजियारा (100 छात्र) और लोनियनपुरवा (70 छात्र) किराए के भवन में संचालित थे। इन्हें दूसरे विद्यालय में मर्ज कर दिया गया। गोंदलामऊ ब्लाक में प्राथमिक विद्यालय गुजरेहटा को जर्जर भवन के चलते कंपोजिट विद्यालय गोंदलामऊ में विलय किया गया। यहां भी 50 से अधिक छात्र थे।
अन्य जिलों पर नहीं पड़ेगा असरः बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत विद्यालयों के सहयोग, समन्वय और संसाधनों के साझे उपयोग की भावना से लिया गया है। हाई कोर्ट के आदेश सीतापुर जिले तक सीमित है इसका अन्य जिलों के विद्यालयों की पेयरिंग पर असर नहीं पड़ेगा।
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