महंगाई के ताजा आंकड़ों को देखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में जुलाई 2025 में 3 से 4 परसेंट की बढ़ोतरी होने की संभावना है. इससे देश के करोड़ों केंद्र सरकार के कर्मचारियों को राहत मिलेगी.
साल में दो बार की जाती है घोषणा
आमतौर पर महंगाई भत्ते में हुए इजाफे का ऐलान साल में दो बार फरवरी-मार्च और सितंबर-अक्टूबर में की जाती है, जिसे क्रमश: जनवरी और जुलाई से लागू कर दिया जाता है. इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से जूझने में मदद मिलती है. इस साल मार्च में 2 परसेंट की हाइक के साथ मौजूदा DA रेट 55 परसेंट है. DA सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि DR पेंशनर्स को मिलता है.
कैसे किया जाता है DA का कैलकुलेशन?
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर मजदूरों के लिए महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन किया जाता है. AICPI-IW इंडेक्स देश के 88 औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से जुटाए रिटेल कीमतों के आधार पर जारी किया जाता है.
इसकी जानकारी हर महीने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से जुड़े श्रम ब्यूरो की तरफ से दी जाती है कि मजदूरों के लिए महंगाई कितनी बढ़ी या कम हुई है और फिर इसी के आधार पर तय किया जाता है कि महंगाई भत्ते में कितनी बढ़ोतरी की जानी है.
मार्च 2025 में महंगाई का मीटर AICPI-IW 143 पर था, जो मई तक बढ़कर 144 पर पहुंच गया. इस हिसाब से महंगाई भत्ते में तीन से चार परसेंट का इजाफा हो सकता है. सरकार पिछले 12 महीनों के CPI-IW डेटा के औसत और 7वें वेतन आयोग के तहत बताए गए फॉर्मूले के आधार पर DA का कैलकुलेशन करती है.
महंगाई भत्ता (%) = [(12-महीने का औसत CPI-IW – 261.42) ÷ 261.42] × 100
यहां 261.42 सातवें वेतन आयोग के तहत माना गया टाइम बेस है.
CPI-AL और CPI-RL दोनों में गिरावट
हालांकि, मई 2025 तक के लिए CPI-IW डेटा अभी पूरी तरह से जारी नहीं हुआ है, फिर भी महंगाई के नए रूझान से इसका मोटे तौर पर एक अनुमान लगाया जा रहा है. श्रम मंत्रालय के अनुसार, कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए रिटेल महंगाई मई 2025 में घटकर क्रमशः 2.84 परसेंट और 2.97 परसेंट रह गई, जो अप्रैल में 3.5 परसेंट से ज्यादा है. CPI-AL और CPI-RL दोनों मामूली रूप से घटकर 1305 और 1319 अंक रह गए, जो ग्रामीण मुद्रास्फीति में गिरावट को दर्शाता है.
हालांकि CPI-AL और CPI-RL का इस्तेमाल सीधे तौर पर महंगाई भत्ते के कैलकुलेशन के लिए नहीं किया जाता है, लेकिन ये व्यापक मुद्रास्फीति के रुझान का संकेत देते हैं जो CPI-IW में भी दिखाई दे सकते हैं. यदि आने वाले महीनों में CPI-IW स्थिर रहता है या मामूली रूप से बढ़ता है, तो सरकार महंगाई भत्ते में 3-4 परसेंट की वृद्धि को मंजूरी दे सकती है, जिससे महंगाई भत्ता 58 परसेंट या 59 परसेंट हो जाएगा.
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