लखनऊः उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शिक्षकों और शिक्षामित्रों से जुड़ी समस्याओं, संगठन के विस्तार पर चर्चा हुई। रविवार को दारुलशफा में आयोजित इस प्रदेश स्तरीय बैठक में पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि प्राथमिक शिक्षा की अनदेखी और शिक्षकों की उपेक्षा अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार को नई सेवा नियमावली बनाकर शिक्षामित्रों को स्थायी करने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा द्वारा एक अगस्त को आयोजित किए जाने वाले आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही, पांच अगस्त से 31 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों में ब्लाक स्तर पर बैठकें आयोजित कर शिक्षकों और शिक्षामित्रों की समस्याएं चिह्नित करने के लिए कहा, ताकि उन पर कार्रवाई के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।
प्रदेश महामंत्री संदीप दत्त ने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को जो मानदेय मिल रहा है, वह मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। इससे उनका जीवनयापन करना कठिन होता जा रहा है।
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