लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए 5252 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि इसमें पहले से काम कर रहे करीब 2200 विशेष शिक्षकों (स्पेशल एजुकेटर्स) को समायोजित किया जाएगा। अगर यह विशेष शिक्षक टीईटी, सीटेट नहीं है तो उन्हें विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (एसटेट) पास करनी होगी।
बेसिक शिक्षा के उप सचिव विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में जारी निर्देश में कहा गया है कि विशेष शिक्षक कक्षा एक से पाँच के लिए होंगे। इसके लिए स्नातक के साथ भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त, डीएलएड विशेष शिक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होनी चाहिए। परिषद का पंजीकरण प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। कक्षा छह से आठ के लिए अन्य योग्यता के साथ बीएड विशेष शिक्षा होना जरूरी है।
उन्होंने कहा है कि संविदा पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर जो टीईटी या सीटेट नहीं हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा आयोजित एसटेट पास करना अनिवार्य होगा। उनकी अधिकतम 60 साल की आयु होगी। इसके लिए उनको अधिकतम चार मौके दिए जाएंगे। उनको अन्य सेवाएं व सुविधाएं सामान्य शिक्षकों की तरह मिलेंगी। इन विशेष शिक्षकों के चयन व नियुक्ति के संबंध में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति बनेगी।
इस समिति से योग्य पाए गए अभ्यर्थियों की नियुक्ति की कार्यवाही बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। इनको छह महीने की क्रॉस डिसएबिलिटी ट्रेनिंग भी दी जाएगी। ताकि वे सभी प्रकार के दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने में सक्षम हो सकें। वर्तमान में कार्यरत स्पेशल एजुकेटर के समायोजन के बाद शेष पदों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।
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