उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या संख्या 51 के तहत आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी विषय की उत्तरकुंजी को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है जब अनंतिम उत्तरकुंजी में ही एक प्रश्न डिलीट कर दिया गया था तो अभ्यर्थियों का कटऑफ पूर्णांक में कैसे जारी हुआ।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित परीक्षा में कुल 100 प्रश्न (30 सामान्य अध्ययन और 70 मुख्य विषय) से पूछे गए थे। बहुविकल्पीय प्रकार के प्रत्येक प्रश्न पर दो अंक निर्धारित थे यानि लिखित परीक्षा का पूर्णांक 200 अंक का था। नियमानुसार किसी भर्ती के बीच में परीक्षा का पूर्णांक बदला नहीं जा सकता है। प्रश्न डिलीट किए जा सकते हैं, सीटें घट-बढ़ सकती हैं पर पूर्णांक नहीं बदला जा सकता। आयोग ने आपत्ति लेने से पहले स्वतः प्रश्न संख्या 95 डिलीट कर दिया था। कुल प्रश्नों की संख्या 100 की बजाय 99 हो गई पर पूर्णांक 200 अंक का ही रहेगा। यानी अब एक सवाल पर अंक दो की बजाय 2.020 (200÷99) हो जाएगी। ऐसी स्थिति में मेरिट का पूर्णांक में रहना संभव ही नहीं, उसका दशमलव में आना लाज़िमी है।
आयोग ने हटाया था ‘सिंदूर की होली’ वाला प्रश्न
प्रयागराज। असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी की परीक्षा आवेदन के तीन वर्ष बाद 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। आयोग ने इस विषय के प्रश्न संख्या 95 ‘सिंदूर की होली’ नाटक के प्रकाशन वाला डिलीट कर दिया था क्योंकि दिए गए चारों विकल्प गलत थे।
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