लखनऊ, यू-डायस पोर्टल पर अभी भी कक्षा एक से कक्षा सात तक के उत्तीर्ण पांच लाख विद्यार्थी ड्रापबॉक्स में दिखाई दे रहे हैं। अभी तक परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों ने इन्हें इंपोर्ट नहीं किया है यानी यह नहीं पता चल पा रहा है कि आखिर यह एक कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अगली कक्षा में कहां गए। ऐसे में अब इनका निस्तारण 24 घंटे में न हुए तो संबंधित जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) व जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) का वेतन रोका जाएगा।
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स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से बड़ी संख्या में ड्रापबॉक्स में दिख रहे छात्रों के मामले में सख्त नाराजगी जताई गई है। आखिर इन छात्रों का डाटा क्यों नहीं अपडेट किया गया। तमाम बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने के बाद अगली कक्षा में किसी एडेड या फिर निजी स्कूल में चले गए लेकिन विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ओर से यह पता नहीं लगाया गया कि आखिर इन्होंने कहां किस विद्यालय में अपना एडमिशन कराया है।
उन्होंने विद्यालय में अगली कक्षा में प्रवेश न लेने वाले इन विद्यार्थियों को ड्रापबॉक्स में डाल दिया है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इन विद्यार्थियों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी हो।
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