आधार सिर्फ पहचान का प्रमाण:आयोग
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट में निर्वाचन आयोग ने फिर दोहराया कि आधार नागरिकता नहीं सिर्फ पहचान का प्रमाण है। आयोग ने कहा, आधार का प्रयोग केवल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालेआवेदकों की पहचान सत्यापित करने के लिए किया जा रहा है।
आयोग ने एक याचिका के जवाब में यह हलफनामा दाखिल किया है। याचिका में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में आधार के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई है। आयोग के सचिव संतोष कुमार दुबे की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि आधार का प्रयोग जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) के अनुसार पहचान के प्रमाण के रूप में किया जा रहा है। स्पष्ट किया है कि बिहार में संशोधित मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने के लिए आधार को नागरिकता के नहीं, बल्कि पहचान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।
यह निवास, जन्मतिथि का प्रमाण भी नहीं
निर्वाचन आयोग ने कहा कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने अगस्त, 2023 में जारी एक कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया था कि आधार नागरिकता, निवास या जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी एक मामले में संबंधित कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए स्पष्ट किया था कि आधार वास्तव में जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। जन्मतिथि साबित करने का दायित्व आधार धारक पर है।
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