फिरोजाबाद। जिले के परिषदीय विद्यालयों में इन दिनों बच्चों की पढ़ाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है। विधानसभा और पंचायत चुनाव से जुड़ी तैयारियों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। ऐसे में विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बीएलओ की ड्यूटी से बचे शिक्षकों की डायट पर ट्रेनिंग चल रही है। जबकि 28 नवंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं कराने की तिथि शासन से घोषित हो चुकी है।
शिक्षक मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में जुटे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं बचे हैं। जिन विद्यालयों में कुछ शिक्षक मौजूद भी हैं, वहां भी नाममात्र की कक्षाएं चल रही हैं। अभिभावकों राधे श्याम का कहना है कि पढ़ाई का आधा सत्र बीत चुका है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई पटरी पर नहीं लौट रही। इसका सीधा असर उनके परीक्षा परिणामों पर पड़ेगा। कई गांवों में तो बच्चों को खाली बैठना पड़ रहा है, क्योंकि शिक्षण कार्य ठप है। जबकि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 28 नवंबर से शुरु हो रही हैं। ऐसे पढ़ाई ठप होना चिंता का कारण है। बीएसए आशीष पांडेय ने कहा कि चुनाव संबंधी कार्य सरकारी दायित्व है, इसलिए शिक्षकों को अस्थायी रूप से तैनात किया गया है।
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