निर्देश : विदेश में नौकरी के लिए हर राज्य बनाएगा अपनी एजेंसी, खास बातें – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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  भारतीयों के लिए विदेश में रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे विदेशों में रोजगार के लिए कम से कम अपनी एक सरकारी एजेंसी का गठन करें। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि पिछले साल एक संसदीय समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए सभी राज्यों से इस बारे में बात की जा रही है।

जैसे ही राज्य इन एजेंसियों का गठन करेंगे, विदेश मंत्रालय रोजगार की संभावनाओं वाले देशों के साथ उनके द्विपक्षीय समझौते भी कराएगा। इससे फायदा यह होगा कि विदेशों में रोजगार के लिए लोग निजी एजेंसियों के झांसे में नहीं फंसेंगे जो मोटा शुल्क तो वसूलती ही हैं, साथ ही विदेश भेजने के लिए गैरकानूनी तरीकों का भी इस्तेमाल करती हैं। बता दें कि पिछले साल इजरायल में करीब 40 हजार निर्माण श्रमिक सरकारी एजेंसियों के जरिये भेजे गए थे। वर्तमान में 12 राज्यों में 14 ऐसी सरकारी एजेंसियां कार्य कर रही हैं।

लेकिन आज हर राज्य से कार्मिक विदेश जा रहे हैं, इसलिए हर राज्य को कम से कम एक एजेंसी गठित किए जाने की जरूरत है। जिन 12 राज्यों में एजेंसियां कार्य कर रही है, उनमें सबसे ज्यादा तीन एजेंसियां केरल में हैं। इनमें नोरका रूट्स, ओवरसीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एंड डेवलपमेंट तथा प्रमोशन कंसल्टेंट आफ केरल हैं।

तमिनलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड तथा उत्तर प्रदेश में एक-एक एजेंसी हैं। उत्तर प्रदेश फाइनेंसियल कार्पोरेशन, बिहार में स्टेट ओवरसीज प्लेसमेंट ब्यूरो तथा झारखंड की एजेंसी मैसर्स पैन आईआईटी एलुमनाई रीच फार झारखंड फाउंडेशन विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य करती है।

रोजगार पाने वालों को मिलेगा लाभ : विदेश मंत्रालय के अनुसार सरकारी एजेंसी होने से उम्मीदवार के साथ धोखाधड़ी नहीं होगी। अनावश्यक शुल्क वसूली से बचेंगे। सरकारी योजनाओं जैसे बीमा आदि का फायदा मिलेगा। आपात स्थिति में दूतावास से मदद मिलेगी। महिला कार्मिकों को विशेष तौर पर शोषण से बचाया जा सकेगा। मंत्रालय ने अभी यह नियम बनाया है कि यदि 18 साल की आयु की कोई महिला रोजगार के लिए 18 इमीग्रेशन जांच आवश्यक वाले देशों में जाती है तो उन्हें इन 14 सरकारी एजेंसियों के जरिये ही जाना होगा।

खास बातें

1. हर साल 5-7 लाख लोग विदेशों में जाते हैं, अगले पांच सालों में यह संख्या दोगुनी होने का अनुमान है

2. रूस, इजरायल, ब्रिटेन, यूरोप समेत कई देशों के साथ भारत ने रोजगार को लेकर समझौते किए हैं जिससे विदेशों में रोजगार के मौके बढ़ेंगे।

3. इजरायल ने पांच साल में 50 हजार, रूस ने 10 लाख रोजगारों की घोषणा की है

4. भारत सबसे युवा आबादी वाला देश है, इसलिए विदेशों में रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं

5. रोजगार की जरूरत के हिसाब से सरकार युवाओं के कौशल विकास करा रही है।

6. विदेशों में भारतीयों के लिए निचले और उच्च स्तरीय रोजगार के मौके हैं।

7. यूरोप-अमेरिका में डाक्टरों, इंजीनियरो के लिए अच्छे मौके हैं।

8. मध्य पूर्व देशों, रूस आदि में निर्माण, मैन्युफैक्चरिग, होटल रेस्तरां, सर्विस सेक्टर आदि में रोजगार के मौके हैं।

9. पिछले साल सरकार ने साढ़े तीन हजार एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए हैं, उन पर गड़बड़ी करने के आरोप हैं।

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