PPF अकाउंट होने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ता पैसा? निवेश करते समय लोग कर देते हैं ये 5 बड़ी गलतियां – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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Public Provident Fund (PPF) भारत की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय लंबी अवधि की निवेश योजनाओं में से एक है। इसमें सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है और साथ ही टैक्स में भी छूट का लाभ मिलता है।

इसके बावजूद कई निवेशकों को लगता है कि उनके PPF खाते में पैसा उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहा। अक्सर इसकी वजह निवेश से जुड़ी कुछ आम गलतियां होती हैं। अगर इन गलतियों से बचा जाए तो PPF में कंपाउंडिंग का फायदा लंबे समय में काफी बेहतर मिल सकता है।


1. अकाउंट खोलकर नियमित निवेश न करना

बहुत से लोग PPF अकाउंट तो खुलवा लेते हैं, लेकिन उसमें हर साल नियमित रूप से पैसा जमा नहीं करते।

PPF में असली फायदा कंपाउंडिंग से मिलता है और यह तभी संभव है जब निवेश हर साल लगातार किया जाए। अगर कई साल तक निवेश नहीं किया गया तो फंड की बढ़ोतरी धीमी हो जाती है।


2. बहुत कम रकम निवेश करना

PPF में न्यूनतम निवेश ₹500 प्रति वर्ष है। कई लोग सिर्फ इतनी ही रकम जमा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में बड़ा फंड बन जाएगा।

लेकिन अच्छा फंड बनाने के लिए नियमित और पर्याप्त निवेश जरूरी होता है। अगर हर साल ज्यादा रकम जमा की जाए तो लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।


3. निवेश की सही टाइमिंग का ध्यान न रखना

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है।

अगर पैसा 5 तारीख के बाद जमा किया जाता है तो उस महीने का ब्याज मिलने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए बेहतर रिटर्न के लिए महीने की शुरुआत में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।


4. मैच्योरिटी के बाद अकाउंट बंद कर देना

PPF खाते की अवधि 15 साल होती है। कई लोग मैच्योरिटी पूरी होते ही पूरा पैसा निकाल लेते हैं।

लेकिन इस खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अगर निवेश जारी रखा जाए तो कंपाउंडिंग का फायदा और अधिक बढ़ सकता है।


5. लंबी अवधि की योजना न बनाना

PPF एक ऐसा निवेश है जिसमें सबसे ज्यादा फायदा धैर्य और अनुशासन से मिलता है।

अगर निवेशक:

  • हर साल नियमित निवेश करें
  • लंबे समय तक पैसा निवेशित रखें
  • कंपाउंडिंग को समय दें

तो धीरे-धीरे एक मजबूत फंड तैयार हो सकता है।


PPF में कंपाउंडिंग से कितना फंड बन सकता है? (उदाहरण)

अगर कोई निवेशक हर साल ₹1.5 लाख निवेश करता है और निवेश लंबे समय तक जारी रखता है, तो अनुमानित परिणाम कुछ इस तरह हो सकते हैं:

निवेश अवधि सालाना निवेश कुल निवेश अनुमानित फंड
15 साल ₹1.5 लाख ₹22.5 लाख लगभग ₹40 लाख
20 साल ₹1.5 लाख ₹30 लाख लगभग ₹66 लाख
25 साल ₹1.5 लाख ₹37.5 लाख करीब ₹1 करोड़

(यह अनुमान लगभग 7.1% ब्याज दर के आधार पर है।)


आपके लिए जरूरी बात

PPF ऐसा निवेश विकल्प है जिसमें पैसा धीरे-धीरे बढ़ता है। इसमें तुरंत बड़ा रिटर्न नहीं मिलता, लेकिन नियमित निवेश, सही समय पर पैसा जमा करना और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना कंपाउंडिंग के फायदे को काफी बढ़ा सकता है।

अगर निवेशक इन सामान्य गलतियों से बचें, तो PPF भविष्य के लिए एक सुरक्षित और स्थिर बचत योजना साबित हो सकती है।

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