*◆ पितृत्व अवकाश : बेसिक शिक्षा के शिक्षकों का भी अधिकार*
*➤ पितृत्व अवकाश क्या है?*
पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) वह सवेतन अवकाश है जो किसी पुरुष कर्मचारी को संतान के जन्म के समय परिवार की देखभाल और सहयोग के लिए दिया जाता है। सामान्यतः यह 15 दिनों का सवेतन अवकाश होता है, जिसे प्रसव से कुछ समय पहले या बाद में लिया जा सकता है।
*➤ कई विभागों में पहले से लागू है यह व्यवस्था*
देश और प्रदेश के अनेक सरकारी विभागों में पितृत्व अवकाश की स्पष्ट व्यवस्था है, जैसे—
• केंद्र सरकार के सभी विभाग
• रेलवे विभाग
• डाक विभाग
• रक्षा विभाग
• पुलिस विभाग
• राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभाग
• नगर विकास तथा अन्य राज्य सेवाएं
इन सभी विभागों में कर्मचारियों को संतान जन्म के समय 15 दिन का सवेतन पितृत्व अवकाश प्रदान किया जाता है।
*➤ बेसिक शिक्षा विभाग में असमानता*
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भी राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, फिर भी उन्हें इस सुविधा से वंचित रखा जाना या स्पष्ट प्रावधान न होना समानता के सिद्धांत के विपरीत प्रतीत होता है।
*➤ संवैधानिक आधार*
भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) सभी को समान अवसर और समान व्यवहार का अधिकार देता है।
जब अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह सुविधा मिल रही है, तो बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को इससे वंचित रखना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।
*➤ यह हमारा अधिकार है*
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं कर्मचारी भी राज्य सरकार की सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह पितृत्व अवकाश का समान अधिकार मिलना चाहिए।
यह कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि समान अधिकार और मानवीय संवेदना का विषय है।
*➤ समय की मांग*
इस विषय पर गंभीरता से विचार कर समानता और न्याय के सिद्धांत के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी पितृत्व अवकाश का अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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