लखनऊ। प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंगलवार को आयोजित शिक्षक संकुल बैठकों में शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही पोस्टकार्ड लिखकर अनिवार्यता पर रोक लगाने की मांग की।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के महासचिव दिलीप चौहान ने बताया कि संकुल बैठकों में शिक्षकों ने विभागीय गतिविधियों के साथ ही शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय पर भी चर्चा की। साथ ही शिक्षक की पाती अभियान को आगे
बढ़ाते हुए शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष व मुख्यमंत्री को संबोधित पोस्टकार्ड लिखा।
महासंघ के प्रदेश संयोजक अनिल यादव ने बताया कि आरटीई एक्ट 2009 व एनसीटीई की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किया जाना न्यायसंगत नहीं है। अभियान में राष्ट्रीय संयोजक सुशील पांडेय व विजय कुमार बंधु, प्रदेश संयोजक संतोष तिवारी, विवेकानंद, संजय मणि त्रिपाठी, अरुणेन्द्र वर्मा, अपूर्व दीक्षित, विनय सिंह आदि भी शामिल रहे।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





