कोलकाता, एजेंसी। निर्वाचन आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों, मतगणना कर्मियों, पर्यवेक्षकों और चुनाव संचालन से जुड़े अन्य अधिकारियों का मानदेय बढ़ा दिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मानदेय ढांचे में संशोधन का उद्देश्य चुनावों के दौरान लंबे और कठिन घंटों तक काम करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त पारितोषिक सुनिश्चित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभा के लिए अगले महीने चुनाव होंगे। अधिकारी ने बताया कि पीठासीन अधिकारियों का दैनिक भत्ता पहले के 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है, यानी इस कार्य के लिए उन्हें कुल 2,000 रुपये मिलेंगे।
इसी तरह मतदान अधिकारियों, मतगणना में मदद करने वालों, मतदान केंद्रों के चौथे श्रेणी के कर्मियों और कॉल सेंटर या नियंत्रण कक्ष कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। अधिकारी ने बताया कि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए, एकमुश्त पारिश्रमिक बढ़ाया गया है।
भाजपा का मतदाता सूची से 79 लाख फर्जी नाम हटाए जाने का दावा : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को दावा किया कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान पश्चिम बंगाल में लगभग 79 लाख फर्जी नाम हटाए गए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि भाजपा 177 सीट पर जीतने जा रही है। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट को बताया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अधिकारियों का तबादला और तैनाती करना उसके अधिकार क्षेत्र में है। खंडपीठ ने निर्वाचन आयोग द्वारा कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।
आरओ को हटाने की मांग उठी
टीएससी ने पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट पर निर्वाचन अधिकारी (आरओ) को हटाने की मांग की है। इस सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी एक-दूसरे के सामने हैं।
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