नए सत्र के पहले दिन कई स्कूलों बच्चों के अखबार पढ़ने की अनूठी पहल शुरू की। स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों ने राष्ट्रीय, अन्तराष्ट्रीय, खेल, संपादकीय पेज के लेख पढ़ा। शिक्षकों ने छात्रों को कठिन शब्दों के अर्थ समझाए और उनके भाषाई कौशल को निखारा। इससे बच्चे हिन्दी और अंग्रेजी के नए शब्दों के बारे में जानेंगे। निजी स्कूलों में बच्चों ने अखबार पढ़ा। जबकि यूपी बोर्ड के राजकीय, शासकीय व वित्तविहीन स्कूलों ने अखबार पढ़ने का शासनादेश का पालन नहीं किया।
सीतापुर रोड स्थित बाल निकुंज स्कूल की सभी शाखाओं में बुधवार को स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों ने अखबार का संपादकीय पेज पढ़ा। कक्षाओं में जाकर कोर्स की किताबें पढ़ी। स्कूल के प्रबंध निदेशक एचएन जायसवाल का कहना है कि अच्छा अखबार पढ़ने वाले बच्चे को पुरस्कृत किया जाता है। स्कूल के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल का कहना है कि इससे बच्चों की हिन्दी भाषा में पकड़ मजबूत होगी। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 23 दिसम्बर 2025 को बच्चों को अखबार पढ़ना अनिवार्य करने का शासनादेश जारी किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि शासनादेश के तहत सभी स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया। बुधवार को नए सत्र के पहले दिन इसका आरंभ हुआ।
फूलों से सजे स्कूलों में मना प्रवेश उत्सव
मोहनलालगंज के गौरा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कम्पोजिट स्कूल भरोसा समेत दूसरे प्राइमरी स्कूलों की शिक्षिकाओं ने दाखिला लेने वाले नए छात्र और छात्राओं को टीका लगाकर स्वागत किया। मोहनलालगंज के बीईओ सुशील कनौजिया ने विद्यार्थियों को नए क्लास की किताबें वितरित की। पीएम श्री विद्यालय इटौंजा में नगर पंचायत अध्यक्ष अवधेश कुमार अवस्थी ने बच्चों को किताबें दीं। संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ बुधवार को हर्षोल्लास के साथ किया गया।
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