वंदे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
वंदे मातरम्॥
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्ल कुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम्।
वंदे मातरम्॥
सप्तकोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले,
द्विसप्तकोटि भुजैर्धृत खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले,
बहुबल धारिणीं नमामि तारिणीं,
रिपुदलवारिणीं मातरम्।
वंदे मातरम्॥
त्वं हि विद्या, त्वं हि धर्म,
त्वं हि हृदि, त्वं मर्म,
त्वं हि प्राणाः शरीरे।
बाहुते त्वं मा शक्ति,
हृदयें त्वं मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गढ़ि मंदिर-मंदिरे।
वंदे मातरम्॥
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्।
नमामि कमलाम्, अमलाम्, अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्।
वंदे मातरम्॥
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्,
धरणीं भरणीं मातरम्।
वंदे मातरम्॥
👉 नोट: आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय गीत के रूप में आमतौर पर इसके पहले दो अंतरे (stanzas) ही गाए जाते थे, लेकिन अब ऊपर दिया गया पाठ इसका विस्तृत/पूर्ण संस्करण है।जिसे गाने को आदेशित किया गया है
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