शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे प्रशासनिक अफसर – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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। राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा योजना (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन की समीक्षा अब जिलाधिकारी और मंडलायुक्त भी करेंगे। एनईपी मानकों को लागू करने के लिए विकसित यूपी-प्रमाण (उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा शैक्षणिक नेटवर्क का प्रदर्शन, रैंकिंग, मूल्यांकन और निगरानी) पोर्टल में पहली बार डीएम और कमिश्नर को भी महाविद्यालयों के प्रदर्शन की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

शासन के विशेष सचिव (उच्च शिक्षा) गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से एक अप्रैल को जारी शासनादेश के अनुसार सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी अपने मंडल और जिलेस्तर के सभी महाविद्यालयों में एनईपी के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा यूपी-प्रमाण पोर्टल के माध्यम से कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही ऐसे महाविद्यालयों पर विशेष ध्यान देंगे, जहां एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क), नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद), शोध परिणाम आदि मापदंडों पर महाविद्यालयों का मासिक स्कोर शून्य या बहुत कम है।डीएम-कमिश्नर अपनी मासिक समीक्षा बैठक में यूपी-प्रमाण पोर्टल की समीक्षा कर, अपनी सुझावात्मक टिप्पणी/आख्या प्रत्येक महीने की पांच तारीख तक ई-मेल पर उच्च शिक्षा निदेशक एवं राज्य उच्च शिक्षा परिषद कराएंगे, जिसे मंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (एसएलक्यूएसी) में प्रस्तुत करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि यूपी-प्रमाण पर 43 मुख्य संकेतकों के माध्यम से महाविद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा। ऐसे महाविद्यालय जहां अपेक्षित सुधार नहीं होगा वहां के लिए सत्यापन समिति गठित करते हुए स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शत-प्रतिशत उच्च शिक्षण संस्थानों की होगी रैंकिंग

प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश लक्ष्य के मद्देनजर शत-प्रतिशत उच्च शैक्षणिक संस्थानों का नैक मूल्यांकन होगा। इन संस्थानों को शीर्ष 100 एनआईआरएफ रैंक में लाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता एवं एनईपी के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी आवश्यक है। वर्तमान में प्रदेश के 18 राज्य विश्वविद्यालय नैक की उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त हैं। नैक ए प्लस श्रेणी के विश्वविद्यालय की संख्या 2017 में शून्य थी। 2025 में चार विश्वविद्यालय नैक ए प्लस और पांच विश्वविद्यालय को ए श्रेणी की रैंकिंग प्राप्त है।

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