एनपीएस बनाम ओपीएस/यूपीएस: पेंशन सिस्टम की हकीकत पर एक नजर – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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सरकारी कर्मचारियों के बीच नई पेंशन योजना (NPS) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। हाल ही में सामने आए एक उदाहरण ने इस चर्चा को फिर से तेज कर दिया है, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक कर्मचारी के आंकड़ों के आधार पर तीनों व्यवस्थाओं की तुलना की गई है।

उदाहरण के अनुसार, लगभग 20 साल 3 महीने 7 दिन की सेवा के बाद संबंधित कर्मचारी को NPS के तहत मात्र ₹8381 मासिक पेंशन प्राप्त हो रही है। यह राशि जीवनभर लगभग समान रहती है और इसमें महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी नहीं होती।

NPS का पूरा गणित
कर्मचारी के NPS खाते में कुल ₹29,58,057 जमा हुए, जिसमें से

  • कर्मचारी अंशदान व ब्याज: ₹12,32,524

  • सरकार अंशदान व ब्याज: ₹17,25,533

रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को कुल ₹29,40,146 एकमुश्त प्राप्त हुए, जिसमें NPS का हिस्सा ₹17,74,834 रहा। इसके अलावा ₹44,100 की बेसिक सैलरी पर करीब ₹7,14,200 ग्रेच्युटी भी मिली।

OPS और UPS में कितना फर्क?
इसी स्थिति में अगर कर्मचारी OPS के अंतर्गत होता, तो उसे लगभग ₹26,019 मासिक पेंशन मिलती, जो समय के साथ बढ़ती रहती।
वहीं UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) में लगभग ₹27,871 मासिक पेंशन का अनुमान है, जो बिना राशिकरण के मिलती और इसमें भी वृद्धि होती रहती।

FD से तुलना का पहलू
अगर NPS से मिले ₹29,40,146 को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा जाए, तो लगभग ₹17,151 मासिक ब्याज मिल सकता है। इसे NPS पेंशन ₹8381 में जोड़ने पर कुल मासिक आय करीब ₹25,532 बनती है। हालांकि, यह राशि स्थिर रहती है और समय के साथ महंगाई के कारण इसकी वास्तविक कीमत घटती जाती है।

परिवार को मिलने वाला लाभ
NPS की एक विशेषता यह है कि पेंशनधारक और उनके जीवनसाथी के निधन के बाद बचा हुआ लगभग 40% कॉर्पस (करीब ₹11.83 लाख) बच्चों को एकमुश्त मिल जाता है।
वहीं OPS/UPS में आमतौर पर पेंशन लाभार्थी और जीवनसाथी के बाद पेंशन बंद हो जाती है (कुछ शर्तों को छोड़कर)।

निष्कर्ष
इस तुलना के आधार पर कई कर्मचारी मानते हैं कि OPS आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित और लाभकारी है, खासकर दीर्घकालीन दृष्टिकोण से। हालांकि, NPS भी पूरी तरह निरर्थक नहीं है और OPS न मिलने की स्थिति में यह भविष्य के लिए एक आधार प्रदान करता है।

(नोट: यह आंकड़े व्यक्तिगत गणना पर आधारित हैं और आधिकारिक नहीं हैं, इनका उद्देश्य केवल तुलना प्रस्तुत करना है।)

Nps/ops तुलना का एक प्रयास👇

BSF में 20 साल 3 महीने 7 दिन की देश सेवा के बाद 8381 रूपए MONTHALY पेंशन बनी है  NPS में।

Nps में कुल अमाउंट 2958057 /- हुए थे , जिसमें कर्मचारी का जमा और ब्याज 1232524 /- था ।

सरकार का जमा और ब्याज 1725533 /- था ।

कर्मचारी को कुल 2940146 /- एकमुश्त प्राप्त हुआ , जिसमें nps का एकमुश्त 1774834 /- था । 

बेसिक  सैलरी 44100 /- थी ,  अतः  20 साल 3 माह की ग्रेच्युटी 714200 /- मिली ।

Ops में 26019 /- पेंशन बनती  , राशिकरण के साथ ( जो लगातार बढ़ती )

Ups में 27871 /- पेंशन मिलती , राशिकरण के बिना और ये लगातार बढ़ती ।

NPS में 8381 /- पेंशन बनी है और ये पूरे जीवनकाल और पति/पत्नी के जीवनकाल तक लगभग समान रहेगी । 

Ops/ups में जहां स्वयं तथा पति/पत्नी की मृत्यु के पश्चात ( 18 वर्ष से कम पुत्र/पुत्री न होने पर ) पेंशन बंद हो जाएगी । वहीं nps में बचा हुआ 40% अर्थात 1183223 /- एकमुश्त पुत्रों/पुत्रियों को प्राप्त होगा ।

कुल मिलाकर ops से बेहतर कुछ नहीं अतः ops की हर लड़ाई में हिस्सा लें ।

लेकिन हां nps जरूर कटवाए क्योंकि कुछ न से कुछ हमेशा बेहतर होता है और ops न मिलने की स्थिति में nps आपके भविष्य का कुछ हद तक सहारा जरूर बनेगा ।

एक फैक्ट और , कर्मचारी को जो 2940146 /- रुपए मिले हैं , उसे अगर वो FD कर दे और खर्च न करना चाहे , तो उसे प्रति माह 17151 /- रुपए ब्याज मिलेगा , इसे अगर पेंशन में जोड़ लिया जाए , तो 25532 /- रुपए  मासिक मिलेगा , पर ये आजीवन समान रहेगा , बढ़ेगा नहीं । तो शुरू में तो अमाउंट ठीक लगेगा , पर समय के साथ इसकी वैल्यू कम होती जाएगी ।

धन्यवाद

—– अनुराग सिंह

( नोट – संपूर्ण आंकड़े खुद निकाले गए हैं , ये आधिकारिक नहीं हैं , सिर्फ सच सामने रखने का एक प्रयास है।  पूरा प्रयास किया गया है कि आंकड़े सच्चाई के करीब हों )

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