सावधान! MRP से ज्यादा पैसे मांगना है अपराध: जानें कैसे सिखाएं ऐसे दुकानदारों को सबक – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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सावधान! MRP से ज्यादा पैसे मांगना है अपराध: जानें कैसे सिखाएं ऐसे दुकानदारों को सबक

बाजार में खरीदारी करते समय क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि दुकानदार आपसे प्रिंट रेट (MRP) से 5-10 रुपये ज्यादा वसूल रहा है? अक्सर ‘ठंडी बोतल’ या ‘सर्विस’ के नाम पर होने वाली यह लूट न केवल गलत है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत इसे ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ माना जाता है।

अगर आप भी ऐसी ठगी का शिकार हुए हैं, तो चुप न बैठें। यहाँ जानें अपनी शिकायत दर्ज कराने का पूरा तरीका।



1. क्यों है MRP से अधिक वसूलना अवैध?

  • MRP का मतलब: ‘Maximum Retail Price’ यानी वह अधिकतम मूल्य जिसमें सभी टैक्स पहले से शामिल हैं। दुकानदार को इसके ऊपर एक पैसा भी लेने का हक नहीं है।

  • अवैध बहाने: फ्रिज में रखी कोल्ड ड्रिंक या पानी की बोतल पर ‘कूलिंग चार्ज’ वसूलना पूरी तरह गैरकानूनी है।

  • आपका अधिकार: एमआरपी से ज्यादा कीमत मांगना कालाबाजारी की श्रेणी में आता है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।


2. शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें?

भारत सरकार ने उपभोक्ताओं की मदद के लिए कई आसान माध्यम उपलब्ध कराए हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: तुरंत मदद के लिए 1915 (टोल-फ्री) पर कॉल करें। यह सेवा 24/7 चालू रहती है।

  • WhatsApp/SMS: आप अपनी शिकायत 8130009809 नंबर पर मैसेज के जरिए भी भेज सकते हैं।

  • ऑनलाइन पोर्टल: उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट consumerhelpline.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें। यहाँ आप बिल की फोटो और अन्य सबूत भी अपलोड कर सकते हैं।


3. शिकायत के लिए जरूरी दस्तावेज और सबूत

जब भी आप शिकायत करें, इन चीजों को अपने पास तैयार रखें:

  1. पक्का बिल: दुकानदार से हमेशा बिल मांगें, क्योंकि यह सबसे ठोस सबूत है।

  2. दुकान का विवरण: दुकान का नाम, सही पता और मोबाइल नंबर नोट कर लें।

  3. डिजिटल सबूत: यदि संभव हो, तो दुकानदार के साथ हुई बहस या ओवरचार्जिंग का एक छोटा वीडियो या फोटो क्लिक कर लें।


4. क्या होगी कार्रवाई?

शिकायत दर्ज होने के बाद विभाग सक्रिय भूमिका निभाता है:

  • दुकानदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है।

  • दोष सिद्ध होने पर भारी आर्थिक जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर दुकान का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

  • उपभोक्ता अदालत के जरिए आपको न केवल आपके अतिरिक्त पैसे वापस मिलते हैं, बल्कि मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा भी मिल सकता है।


सजग बनें, सतर्क रहें: आपकी एक छोटी सी शिकायत बाजार से भ्रष्टाचार को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। अगली बार अगर कोई दुकानदार MRP से ज्यादा मांगे, तो डरें नहीं, बल्कि ऊपर दिए गए नंबरों पर शिकायत करें!

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