आने वाले समय में हीट वेव के तेवर होंगे और तीखे, बचाव के लिए लें ओआरएस का घोल – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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प्रयागराज : इन दिनों दूषित पानी से पेट में संक्रमण और हीट वेव का सबसे बड़ा खतरा है। इसका असर लोगों पर दिखने भी लगा है। आगामी दिनों में हीट वेव के तेवर और तीखे होंगे। स्ट्रोक सीधे दिमाग पर असर करता है। समय पर उपचार न मिले तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। मंगलवार को दैनिक जागरण के हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय से आए फिजीशियन डा. आनंद सिंह ने हीट वेव और संक्रमण से बचने के तरीके बताए। बीमार लोगों से फोन पर उनकी परेशानी पता चली तो बताया कि पसीना निकलने पर सोडियम की कमी हो जाती है। इसकी भरपाई के लिए शिकंजी या ओआरएस का सेवन जरूर करें। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश…।

धूप में अधिक देर न रहें

कामकाज के सिलसिले में घर से बाहर हैं या लंबी दूरी की यात्रा सड़क मार्ग से कर रहे हैं तो काफी सतर्क रहना होगा। यदि संभव है तो कहीं छांव मिलने पर मिलने पर कुछ देर ठहर जाएं। कुछ देर रुकने के बाद पानी पीएं। खीरा या ककड़ी का सेवन कर सकते हैं। अधिक प्यास लग रही है तो घर या किसी अन्य गंतव्य तक पहुंचने के बाद पानी पीने की सोच को त्याग दें। जब प्यास लगे वहीं रुक कर पानी पी लें।

हीट स्ट्रोक के पहचानें लक्षण

चक्कर आता है, झटके आने लगते हैं, दिमाग पर असर होने से याददाश्त खोने लगती है, शरीर का तापमान 105 फारेनहाइट या इससे अधिक हो जाता है। पैर के तलुओं में काफी जलन होती है।

खानपान में बरतें सतर्कता

 * भोजन हो या नाश्ता, इसे बासी न खाएं

 * सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही पकाएं

 * पानी स्वच्छ पीएं, घर के बाहर पानी अक्सर दूषित होता है

 * कटे हुए फल बिल्कुल न खाएं

 * गन्ने या अन्य फलों का जूस पीते समय स्वच्छता पर ध्यान दें

 * सबसे जरूरी यह कि नाखून को साफ रखें

सत्तू है काफी फायदेमंद

 * गर्मी के इस मौसम में सत्तू काफी फायदेमंद है।

 * सुबह सत्तू का शरबत पीकर घर से निकलें

 * दाल और हरी सब्जियां रोज खाएं।

 * भोजन के साथ दोनों समय सलाद जरूर खाएं।

 * लस्सी पी रहे हैं तो उसमें चीनी की मात्रा काफी कम रखें।

 * दिन में एक या दो बार ग्लूकोज डी जरूर पीएं।

प्र. धूप तेज होने लगी है, उसी में रहते हुए कामकाज की विवशता भी है। क्या करें कि हीट वेव से सुरक्षित रह सकें।

पवन सिंह, मम्फोर्डगंज

उ. दोपहर में एक से तीन बजे के बीच का समय ऐसा होता है जब हीट वेव का खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि कड़ी धूप तो 11 बजे से ही होने लगती है। बचाव सभी को करना चाहिए। पानी भरपूर पीते रहें, ओआरएस का घोल पीएं या फिर पानी में एक चुटकी नमक और नींबू का रस मिला लें। इसके अलावा धूप में यदि ज्यादा देर तक रहने की मजबूरी है तो सिर पर सूती कपड़े लपेट कर रखें। ठेले, खोमचे वाले हैं तो छाता का इस्तेमाल करें।

प्र. धूप में किसी को चक्कर आ जाए या अचेत हो जाए तो अस्पताल भेजने से पहले किस तरह के प्राथमिक उपाय सड़क पर ही करने चाहिए।

जनार्दन सिंह, कौडिहार

उ. जिस किसी राहगीर को चक्कर आए या बेहोश हो जाए उसे फौरन छायादार स्थान पर ले जाएं। पंखे के सामने लिटा दें, पंखा नहीं है तो आसपास से लोगों को हटाकर खुली हवा का रास्ता बना दें। किसी कपड़े से ही हवा करके प्रभावित व्यक्ति को कुछ राहत पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा गीले कपड़े से उसके हाथ-पैर और माथे को पानी की ठंडक पहुंचाएं। इससे शरीर के बढ़े हुए तापमान में कमी आएगी। इस बीच पुलिस या एम्बुलेंस को फोन करें ताकि मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में सहायता मिल सके।

प्र. डायबिटीज 25 साल से है, ज्यादा गर्मी लगती है तो ब्लड प्रेशर घटने लगता है। क्या करना चाहिए ऐसी स्थिति में।

नरेश चंद निषाद, झूंसी

उ. तापमान बढ़ता है तो शरीर का पानी तेजी से सूखता है। पसीना निकलता तो सोडियम की कमी होने लगती है। इसकी भरपाई के लिए ओआरएस का घोल पीएं। ओआरएस पाउडर नहीं है तो पानी में एक चुटकी नमक, चीनी और नींबू मिला लें। इससे ब्लड प्रेशर संबंधित समस्या दूर हो जाएगी।

प्र. खट्टी डकार आती है और भूख कम लगने लगी है।

शालिनी, मम्फोर्डगंज

उ. यह पेट में विकार की समस्या है। एंटीबायोटिक दवा इसमें असर करती है। इसके लिए पहले ओपीडी में आना होगा। स्वयं से कोई दवा लेकर न खाएं, शरीर को स्वस्थ रखना है तो स्वच्छ पानी पीएं और सलाद का दैनिक सेवन करें।

प्र. दही खा लेने पर गले में खांसी आती है। गैस भी बनने लगती है और बुखार आता है।

सरोज सिंह, भरद्वाजपुरम

उ. दूध या इसके अन्य उत्पाद से कई लोगों को इस तरह की समस्या होती है। जरूरी न हो तो इनका इस्तेमाल कम करें। प्रोटीन के लिए सभी तरह की दालें पर्याप्त हैं। आजकल एलर्जी का मौसम भी है। परागकणों से एलर्जी होती है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

प्र. पेट में अक्सर ऐंठन होने लगी है। एक सप्ताह से सर्दी जुकाम की परेशानी है। एक दिन आराम मिलता है फिर जुकाम गहरा जाता है।

प्रभात चंद गौड़, झूंसी

उ. सर्दी जुकाम इसलिए हो रहा है क्योंकि लोग गर्मी से तपते हुए आते हैं और फौरन ठंडा पानी पी लेते हैं। इससे शरीर का तापमान एकाएक बदलता है। यही नुकसानदायक है। गुनगुने पानी में हल्का नमक डालकर गरारा करें। गरम पानी में विक्स डालकर उसकी भाप लें। इससे काफी आराम मिलेगा।

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