लखनऊ। प्रदेश के हर जिले में 15 मई से विभागीय कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक आंदोलन शुरू करेंगे। यह घोषणा संयुक्त संघर्ष संचालन समिति (एस-4) ने शुक्रवार को सहकारिता भवन में आयोजित संकल्प सम्मेलन में की। इसमें लखनऊ सहित अलग-अलग जनपदों के सैकड़ों कर्मचारी और शिक्षक शामिल हुए।
समिति के महासचिव आरके निगम ने बताया कि यह आंदोलन 18 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने के लिए होगा। आंदोलन के तहत 15 मई को सभी जिलों में कर्मचारी और शिक्षक जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाली शामिल है।
इसके साथ ही कोरोना काल में समाप्त किए गए भत्ते और 18 माह के महंगाई भत्ता एरियर का भुगतान भी लंबित है। एस-4 निजीकरण और आउटसोर्सिंग प्रथा का भी विरोध कर रहा है। 50 से कम छात्र संख्या पर विद्यालय बंद किए जाने का भी विरोध किया जा रहा है।
समिति ने पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करने का भी विरोध किया है। एस-4 का मानना है कि एकजुट हुए बिना सरकार बात नहीं सुनेगी। इस मौके पर समिति के संयोजक संजय मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह और अध्यक्ष अजय सिंह मौजूद रहे।
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