लखनऊ। भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व की खबर सामने आई है। लखनऊ विश्वविद्यालय और एचबीटीयू कानपुर से जुड़े शिक्षकों और वैज्ञानिकों की एक संयुक्त शोध टीम को यूनाइटेड किंगडम के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (यूके आईपीओ) से अंतरराष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ विश्वविद्यालय की डॉ. कल्पना सिंह और एचबीटीयू कानपुर के प्रो. जेपी सिंह के सहयोग से विकसित किए गए अभिनव प्रयोगशाला उपकरण को यह पेटेंट मिला है। यह उपकरण फोटो-ल्यूमिनेसेंस मापन के लिए तैयार किया गया है और इसका डिजाइन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत किया गया है।
डॉ. कल्पना सिंह ने बताया कि यह उपकरण इंटरनेशनल डिजाइन क्लासिफिकेशन की क्लास-24 श्रेणी, यानी मेडिकल एवं प्रयोगशाला उपकरण वर्ग में शामिल किया गया है। यह एक कॉम्पैक्ट टेबलटॉप प्रणाली है, जिसमें सिंथेसिस और फोटो-ल्यूमिनेसेंस मापन की प्रक्रिया को एकीकृत किया गया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, पारंपरिक प्रणालियों में भारी उपकरण, खुले सैंपल होल्डर और जटिल नियंत्रण व्यवस्था के कारण संचालन कठिन और समय लेने वाला होता है। नए उपकरण में इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया गया है, जिससे प्रयोगशाला कार्य अधिक सरल, सुरक्षित और प्रभावी बन सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा देगी। साथ ही इससे शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों की वैश्विक पहचान भी मजबूत होगी।
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