परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने के बाद अब उनकी आयु सीमा बढ़ाने को लेकर भी शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। फिलहाल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवा अवधि 60 वर्ष निर्धारित है, लेकिन लंबे समय से इसे 62 वर्ष करने की मांग उठ रही है।
इसी मांग को लेकर शासन को मिले विभिन्न प्रत्यावेदनों और पत्रों के आधार पर अब कई जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। राज्य परियोजना कार्यालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जनपद से जुड़े मामलों की आख्या तत्काल ई-मेल के माध्यम से भेजें।
अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 की ओर से इस संबंध में पत्र भेजे गए थे। इन पत्रों के साथ शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष करने की मांग से जुड़े प्रत्यावेदनों की सूची भी भेजी गई थी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद अब औरैया, बस्ती, बलिया, ललितपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मुरादाबाद, जौनपुर, बिजनौर, महाराजगंज, बदायूं, फिरोजाबाद, मऊ, उन्नाव, लखनऊ, मथुरा, रायबरेली, गोंडा, अंबेडकर नगर, हाथरस, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हमीरपुर समेत कई जिलों के बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। शासन स्तर पर लगातार पत्राचार होने से शिक्षामित्रों की सेवा अवधि बढ़ाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





