प्रतापगढ़। जिले के निजी विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम अभिषेक पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में निजी स्कूलों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा फीस वृद्धि, किताबों, ड्रेस और अन्य सामग्री की अनिवार्यता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देश दिया कि जिले के सभी निजी विद्यालयों की शुल्क वृद्धि से संबंधित जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
अधिक फीस वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई
डीएम अभिषेक पांडेय ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्कूलों को वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी फीस डिटेल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी निजी विद्यालय नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट और विद्यालय के सूचना पट पर फीस विवरण सार्वजनिक करें। वहीं, वर्तमान शैक्षणिक सत्र में यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
पांच शैक्षणिक वर्षों तक नहीं बदला जा सकेगा स्कूल ड्रेस
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि कोई भी विद्यालय लगातार पांच शैक्षणिक वर्षों के भीतर स्कूल ड्रेस में बदलाव नहीं करेगा। इसका उद्देश्य अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करना है।
बैठक में मौजूद रहे कई अधिकारी
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ओंकार राणा, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनामिका सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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