गोरखपुर जनगणना ग्राउंड रिपोर्ट: भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन के बीच फील्ड पर डटे शिक्षक, बयां किया जमीनी हकीकत का दर्द
गोरखपुर में जनगणना ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में लोग धीरे-धीरे सहयोग कर रहे हैं, लेकिन कई लोग निजी संपत्ति और गाड़ियों की जानकारी देने में हिचकिचाते हैं. भीषण गर्मी के बीच शिक्षक सुबह और शाम के समय घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं. अधिकांश शिक्षकों ने बताया कि अब तक उन्हें गांवों में खुद से रजिस्ट्रेशन करने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जनगणना की जमीनी हकीकत अब सामने आने लगी है. गांव-गांव जाकर सर्वे कर रहे शिक्षक बता रहे हैं कि लोग अब धीरे-धीरे सहयोग तो कर रहे हैं, लेकिन निजी संपत्ति और चार पहिया वाहनों जैसी जानकारियां साझा करने में अब भी हिचकिचाहट दिखा रहे हैं.
भीषण गर्मी में सुबह से लेकर देर शाम तक डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे शिक्षकों का कहना है कि जागरूकता की कमी और गर्मी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है.
गोरखपुर के मंगलपुर भरोहिया में जनगणना कार्य में लगे शिक्षक अजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि शुरुआत में लोग सवाल उठा रहे थे कि जनगणना क्यों हो रही है और सरकार को इससे क्या फायदा होगा, लेकिन अब धीरे-धीरे लोग सहयोग करने लगे हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग सवालों का जवाब दे रहे हैं और टीम गांव के हर घर के बरामदे तक पहुंच रही है. गर्मी से बचने के लिए टीम सुबह 6:30 बजे से 11 बजे तक और फिर शाम 3 बजे से अंधेरा होने तक काम कर रही है. उन्होंने बताया कि अभी तक उनके क्षेत्र में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जिसने ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन कराया हो.
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