नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया अब तीन दिन की देरी से एक जून से शुरू होगी। पहले यह 29 मई से होनी थी। वहीं, अगले साल से बोर्ड परीक्षा के अंकों के साथ स्कैन आंसरशीट (उत्तर पुस्तिकाएं) भी डिजिलॉकर में उपलब्ध करवाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व डिजिटलीकरण की दिशा में यह फैसला किया गया है। फिलहाल प्राथमिकता, पुनर्मूल्यांकन वाली सभी कॉपियों को दोबारा जांच कर नतीजा जारी करना है, ताकि विद्यार्थी आगे स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकें। देशभर के विश्वविद्यालयों समेत इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों में जुलाई से नया शैक्षिक सत्र शुरू होना है और नतीजे में देरी से शैक्षिक सत्र शुरू होने में देरी हो सकती है। ब्यूरो
ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में हाईकोर्ट ने केंद्र राज्य सरकार और सीबीएसई से मांगा जवाब
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की नई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार, सीबीएसई, परीक्षा नियंत्रक और उत्तर प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह प्रणाली 2025-26 की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुरू की गई है।
■ न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एक अधिवक्ता की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर शुक्रवार को यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को जल्दबाजी में लागू किया गया है। इससे देशभर के लाखों छात्रों के मूल्यांकन में प्रणालीगत संस्थागत विफलता हुई है। ब्यूरो
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