चिंता : नौकरियों की जगह एआई ने ली तो लड़खड़ाएगी अर्थव्यवस्था – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच एक शोध पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें चेतावनी दी गई कि अगर एआई इंसानी नौकरियों की जगह तेजी से लेने लगा, तो अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

‘द एआई लेऑफ ट्रैप’ नामक इस शोधपत्र में दावा किया गया कि कंपनियां लागत कम करने और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए एआई को तेजी से अपना रही हैं। इससे कई काम मशीनों के जरिये होने लगे हैं। शुरुआत में इससे कंपनियों का खर्च घटता है, लेकिन लंबे समय में इसका असर उपभोक्ता मांग पर पड़ सकता है। यदि नई नौकरियां नहीं बनीं तो पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं।

जिन्हें निकाला गया वो ग्राहक भी थे : यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया और बोस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं फॉल्क और त्सौकालस के बीच आर्थिक विश्लेषण को लेकर संवाद हुआ। दोनों अर्थशास्त्रियों का कहना था कि एआई अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर देगा। एक कंपनी अपने 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकालती है और उनकी जगह एआई ले आती है। जिन्हें नौकरी से निकाला गया, वे ग्राहक भी थे। नौकरी जाने पर वे खर्च करना कम कर देते हैं। इससे उपभोक्ता मांग गिरती है। गौरतलब है कि कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चेतावनी दे चुकी हैं कि एआई से नौकरियां प्रभावित होंगी।

नई नौकरियां सृजित की जाएं

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अब एक एआई न्यू डील की जरूरत है। उन कामों के लिए नौकरियां पैदा करनी चाहिए जो इंसानों द्वारा ही किए जाते हैं। जैसे कि सामाजिक कार्य, शिक्षक, बच्चों की देखभाल, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने वाले लोग। सरकारों को कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों पर जोर देना चाहिए और इसे ही न्यू एआई डील कहा जा रहा है।

एआई अपनाने पर लें अतिरिक्त कर

1. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जब कोई कंपनी इंसान की जगह एआई का इस्तेमाल करे, तो इससे अतिरिक्त कर लिया जाए

2. इससे कंपनियां केवल जरूरत होने पर ही कर्मचारियों की जगह एआई को अपनाएंगी

3. इससे रोजगार और बाजार की मांग को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है

4. नए कौशल सिखाने के कार्यक्रम

5. कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाना

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