लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में पढ़ने वाले कमजोर विद्यार्थियों को शैक्षिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत अगस्त से विशेष ‘कैच-अप कार्यक्रम’ लागू किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन विद्यार्थियों की सीखने की कमी को दूर करना है, जो विभिन्न कारणों से अपेक्षित शैक्षिक दक्षताओं में पीछे रह गए हैं। विभाग का मानना है कि समय पर अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिलने से ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की पढ़ाई के स्तर तक लाया जा सकेगा।
रोज लगेंगी 20 से 30 मिनट की अतिरिक्त कक्षाएं
योजना के तहत विद्यालयों में नियमित पढ़ाई के अलावा प्रतिदिन 20 से 30 मिनट की अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इन कक्षाओं में विशेष रूप से उन छात्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें पढ़ने, लिखने या गणित जैसी बुनियादी दक्षताओं में कठिनाई हो रही है।
प्रत्येक बच्चे की होगी निगरानी
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, कैच-अप कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा। शिक्षकों द्वारा नियमित मूल्यांकन कर यह देखा जाएगा कि छात्र सीखने के निर्धारित स्तर तक पहुंच रहे हैं या नहीं।
सीखने की कमी दूर करने पर फोकस
विभाग का कहना है कि कई बार विभिन्न कारणों से कुछ बच्चे अपेक्षित सीखने के स्तर से पीछे रह जाते हैं। यदि समय रहते उन्हें अतिरिक्त सहयोग नहीं मिलता, तो यह शैक्षिक अंतर और बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
प्रमुख बातें
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अगस्त 2026 से लागू होगा कैच-अप कार्यक्रम।
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परिषदीय और KGBV विद्यालयों में होगा संचालन।
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कमजोर विद्यार्थियों के लिए रोजाना 20 से 30 मिनट की अतिरिक्त कक्षाएं।
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प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू की गई पहल।
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उद्देश्य: सीखने में पिछड़े बच्चों को मुख्यधारा के स्तर तक लाना।
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