लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नई शिक्षक भर्ती की तैयारियों के बीच प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जनपद में तैनाती का अवसर दिया जाए।
इस संबंध में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले 20 वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उन्हें पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबे समय से कर रहे हैं तबादले का इंतजार
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि कई अनुभवी शिक्षक वर्षों से गृह जनपद वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में यदि सीधे नई भर्ती कर दी जाती है तो वर्तमान शिक्षकों को अपने जिले में आने का अवसर नहीं मिल पाएगा।
भर्ती से पहले तबादला प्रक्रिया की मांग
शिक्षक संगठन का कहना है कि सरकार परिषदीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए नई भर्ती पर विचार कर रही है। इससे पहले अंतरजनपदीय तबादला प्रक्रिया संचालित कर शिक्षकों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण का अवसर दिया जाना चाहिए।
अनुभवी शिक्षकों को मिले प्राथमिकता
एसोसिएशन का तर्क है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को गृह जनपद में कार्य करने का अवसर मिलने से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल दोनों बढ़ेंगे। साथ ही पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी सुविधा होगी।
प्रमुख बिंदु
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नई शिक्षक भर्ती से पहले गृह जनपद तैनाती की मांग।
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प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र।
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हजारों शिक्षक 20 वर्षों से अधिक समय से गृह जनपद से दूर कार्यरत।
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अंतरजनपदीय तबादला प्रक्रिया शुरू करने की मांग।
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अनुभवी शिक्षकों को गृह जिले में सेवा का अवसर देने पर जोर।
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