सबसे कम ग्रीष्मावकाश सिर्फ यूपी के परिषदीय स्कूलों में! 16 जून से स्कूल खोलने पर उठे सवाल
उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में ग्रीष्मावकाश की अवधि पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सबसे कम छुट्टियां दिखाई देती हैं। जहां दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में स्कूल 1 जुलाई से खुल रहे हैं, वहीं राजस्थान में 21 जून तक अवकाश है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों को 16 जून से खोलने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि इस बार लगभग 20 दिनों तक जनगणना और अन्य विभागीय कार्यों में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगी रही। ऐसे में वास्तविक रूप से शिक्षकों और बच्चों को अपेक्षित अवकाश नहीं मिल सका।
वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कई इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और अधिकांश निजी विद्यालय जून के अंत तक बंद हैं, तब छोटे बच्चों वाले सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को इतनी जल्दी खोलने की आवश्यकता क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जून के मध्य में उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव बना रहता है। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चों पर गर्मी का असर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है। कई विद्यालयों में पेयजल, बिजली, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था भी चुनौती बनी रहती है।
शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विद्यालय खोलने पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
प्रश्न यह है कि जब अधिकांश राज्यों में ग्रीष्मावकाश अभी जारी है, तब उत्तर प्रदेश के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए 16 जून से स्कूल खोलने की इतनी जल्दबाजी क्यों?
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