टीईटी विवाद: शिक्षक संगठन 5 जुलाई से चलाएंगे ‘जनप्रतिनिधि जवाब दो’ अभियान
लखनऊ। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से जुड़े विवाद को लेकर शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा है कि 20-25 वर्षों की सेवा देने वाले शिक्षकों से दोबारा परीक्षा लेना उनके साथ अन्याय है। संगठन ने सरकार से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि यदि राज्य सरकार शिक्षकों के हित में कोई व्यवस्था करना चाहती है तो सबसे पहले सभी प्रभावित शिक्षकों की नौकरी और सेवा लाभों की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवा लेने के बाद शिक्षकों को पुनः परीक्षा के दायरे में लाना उचित नहीं है।
सेवा सुरक्षा की मांग पर अड़ा संगठन
संगठन का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित शिक्षकों को नौकरी और सेवा लाभों की स्पष्ट गारंटी नहीं दी जाती, तब तक किसी भी आधे-अधूरे समाधान को स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने राज्य सरकार से इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार पर भी दबाव बनाने की मांग की है।
5 से 20 जुलाई तक चलेगा अभियान
एसोसिएशन के महासचिव दिलीप चौहान ने बताया कि अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ 5 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक ‘जनप्रतिनिधि जवाब दो’ अभियान चलाएगा। इस दौरान सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर मानसून सत्र में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए स्थायी कानून बनाने की मांग की जाएगी।
लाखों शिक्षकों के भविष्य का सवाल
शिक्षक संगठनों का दावा है कि इस मुद्दे से प्रदेश के लगभग 1.86 लाख और देशभर के करीब 25 लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सरकार को जल्द स्पष्ट नीति बनाकर शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहिए।
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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