लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में प्रस्तावित अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर दंपति शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई गई है। विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर दंपति शिक्षकों के स्थानांतरण में लागू PTR (छात्र-शिक्षक अनुपात) की बाध्यता समाप्त करने का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि स्थानांतरण नीति में कैंसर पीड़ित, डायलिसिस मरीज, दिव्यांग एवं दंपति शिक्षकों को विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है, लेकिन केवल दंपति शिक्षकों के लिए PTR की शर्त लागू होने से बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक-शिक्षिकाएं स्थानांतरण के लाभ से वंचित रह सकती हैं।
एमएलसी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि अन्य विशेष श्रेणियों पर PTR की बाध्यता लागू नहीं है, इसलिए दंपति शिक्षकों पर भी यह शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि PTR की पूर्ति नई भर्तियों के माध्यम से की जा सकती है।
पत्र में बेसिक शिक्षा मंत्री को उनके पूर्व आश्वासन की भी याद दिलाई गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आगामी स्थानांतरण नीति में अन्य विभागों की तरह बेसिक शिक्षा विभाग के दंपति शिक्षकों को भी बिना अनावश्यक बाध्यता के स्थानांतरण का लाभ दिया जाएगा।
प्रमुख मांगें
✅ दंपति शिक्षकों के स्थानांतरण से PTR की बाध्यता हटाई जाए।
✅ सभी पात्र दंपति शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्थानांतरण का लाभ दिया जाए।
✅ पूर्व में दिए गए मंत्रीस्तरीय आश्वासन को लागू किया जाए।
शिक्षक संगठनों और दंपति शिक्षकों के बीच यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। अब एमएलसी द्वारा सीधे बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद इस मांग पर विभागीय स्तर पर निर्णय की उम्मीद बढ़ गई है।
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