कार्यरत शिक्षकों के TET को लेकर नया अपडेट
2011 या उससे पहले नियुक्त शिक्षकों के TET के संबंध में कर्नाटक के सांसद माननीय श्री ई. तुकाराम ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के समक्ष निम्नलिखित प्रश्न रखे:-
**(a)** क्या केंद्र सरकार ने TET अनिवार्य होने से पहले नियुक्त कार्यरत शिक्षकों (कर्नाटक सहित देश के सभी राज्यों में) पर इस शर्त के प्रभाव का मूल्यांकन किया है?
**(b)** यदि किया है, तो देश भर में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश वार (कर्नाटक सहित) ऐसे शिक्षकों की संख्या कितनी है?
**(c)** TET अनिवार्य होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को उचित राहत देने के लिए क्या बच्चों का मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 में संशोधन का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसका विस्तृत विवरण दें।
**(d)** निर्धारित समय सीमा के भीतर ये शिक्षक TET उत्तीर्ण कर सकें, इसके लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं या उठाने का प्रस्ताव रखा है? इसमें नियमित रूप से TET परीक्षा आयोजित करना सुनिश्चित करने का विषय भी शामिल है।
**(e)** क्या इस संबंध में किसी अंतरिम छूट या राहत की व्यवस्था विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है?
📢 **शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने इन सभी प्रश्नों (a से e) के उत्तर में बताया है:-**
शिक्षों भारत के संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है।
☞ शिक्षक भर्ती, सेवा की शर्तें और शिक्षकों की तैनाती के मामले संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए अनिवार्य TET लागू होने से पहले नियुक्त कार्यरत शिक्षकों की संख्या से संबंधित आंकड़े संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के पास ही सुरक्षित हैं।
☞ भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने 01.09.2025 के अपने फैसले में अन्य बातों के साथ-साथ यह घोषणा की है कि बच्चों का मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 के तहत निर्धारित न्यूनतम योग्यताओं में TET भी एक प्रमुख शर्त है, और इस अधिनियम के तहत आने वाले विद्यालयों में शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए TET अनिवार्य है।
☞ इसके बाद, पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) का निपटारा करते हुए 29.05.2026 के अपने फैसले में 01.09.2025 के फैसले को बरकरार रखते हुए उच्चतम न्यायालय ने TET योग्यता हासिल करने की समय सीमा 31.08.2027 से बढ़ाकर 31.08.2028 कर दी है।
☞ इसके अलावा, 29.05.2026 के फैसले में उच्चतम न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की है कि संबंधित सरकार/प्राधिकरण को नियमित रूप से, यदि संभव हो तो वर्ष में दो बार (लगभग हर छह महीने में) TET परीक्षा आयोजित करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि योग्य शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम योग्यता प्राप्त करने का उचित अवसर मिल सके।
🪀📌 **अर्थात केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री के इस लिखित उत्तर से यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार की RTE अधिनियम में संशोधन की कोई योजना नहीं है, बल्कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार वर्ष में दो बार TET आयोजित करने को ही इस समस्या के समाधान का एकमात्र रास्ता मान लिया है।**🙏
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